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Almora News: देघाट में मातम... साथ जलीं दो दोस्तों की चिताएं, नम हुई हर आंख
Mon, 30 Mar 2026 11:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 30 Mar 2026 11:31 PM IST
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स्याल्दे (अल्मोड़ा)। देघाट क्षेत्र का काई घाट सोमवार को उस समय शोक में डूब गया जब एक ही गांव के दो दोस्तों की अर्थियां एक साथ वहां पहुंचीं। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि अंतिम संस्कार में शामिल हर आंख नम हो गई। परिजनों की सिसकियों ने माहौल को और भी गमगीन बना दिया।
रविवार को चिंतोली-नागचूला खाल मोटर मार्ग पर चिंतोली के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसा इतना भयावह था कि ट्रॉली में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान दर्शन सिंह (24) और कुंवर सिंह उर्फ चंदन सिंह (24) के रूप में हुई। दोनों चिंतोली के निवासी थे। दुर्घटना में गोपाल सिंह (24) और नरेंद्र सिंह (18) घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
सोमवार को जब दोनों युवकों के शव गांव पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। दोस्त और हमउम्र साथियों को यकीन नहीं हो रहा था कि जो कल तक उनके साथ हंसते-बोलते थे आज उन्हें अंतिम विदाई देनी पड़ रही है। काई घाट पर दोनों दोस्तों की अलग-अलग चिताएं जलीं तो परिजन एक-दूसरे को ढांढस बंधाते रहे। अंतिम संस्कार में पहुंचे गांव के लोगों की आंखें युवकों को अंतिम विदाई देते हुए भर आई।
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रविवार को चिंतोली-नागचूला खाल मोटर मार्ग पर चिंतोली के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसा इतना भयावह था कि ट्रॉली में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान दर्शन सिंह (24) और कुंवर सिंह उर्फ चंदन सिंह (24) के रूप में हुई। दोनों चिंतोली के निवासी थे। दुर्घटना में गोपाल सिंह (24) और नरेंद्र सिंह (18) घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
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सोमवार को जब दोनों युवकों के शव गांव पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। दोस्त और हमउम्र साथियों को यकीन नहीं हो रहा था कि जो कल तक उनके साथ हंसते-बोलते थे आज उन्हें अंतिम विदाई देनी पड़ रही है। काई घाट पर दोनों दोस्तों की अलग-अलग चिताएं जलीं तो परिजन एक-दूसरे को ढांढस बंधाते रहे। अंतिम संस्कार में पहुंचे गांव के लोगों की आंखें युवकों को अंतिम विदाई देते हुए भर आई।
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