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मोरे कान्हा जो आए पलट के..
ब्यूरो, अमर उजाला , अल्मोड़ा।
Updated Tue, 15 Mar 2016 11:22 PM IST
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नृत्य
- फोटो : अमर उजाला
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मोहन उप्रेती लोक संस्कृति कला विज्ञान शोध समिति की ओर से नंदी देवी मंदिर स्थित गीता भवन में चल रहे रचना दिवस महोत्सव के तीसरे दिन नृत्य सम्राट उदयशंकर, ध्रुपदाचार्य पं. चंद्रशेखर पंत शास्त्रीय संगीत संध्या में कलाकारों ने प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। हल्द्वानी की कथक नृत्यांगनाओं ने कथक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। दिल्ली से पहुंचे शास्त्रीय गायक आशिक कुमार को इस साल का युवा प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया।
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ग्वालियर घराने के प्रसिद्ध कलाकार लक्ष्मण कृष्ण राव पंडित के शिष्य आशिक कुमार ने राग पूरिया कल्याण में आज सुबन बन माई.., छोटा ख्याल में मोरे घर आजा.., मोरे कान्हा जो आए पलट के..की प्रस्तुति दी। सोनू पांडे ने एकल तबला वादन प्रस्तुत किया। हल्द्वानी की कथक नृत्यांगनाओं रेनू नेगी और वेदांती जोशी ने कथक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया। हारमोनियम, गायन में डा. हरीश जोशी, तबले में सोनू पांडे ने संगत दी। इससे पूर्व मुख्य अतिथि भातखंडे महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक विकास तैलंग ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कलाकारों की कमी नहीं है। उभरते कलाकारों को यदि सही मंच मिल जाए तो वह राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं। इस मौके पर दिल्ली से पहुंचे शास्त्रीय गायक आशिक कुमार को इस साल का युवा प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि श्री तैलंग ने उन्हें पुरस्कार प्रदान किया। इससे पूर्व अभिषेक भट्ट के शास्त्रीय गायन से कार्यक्रम का आगाज हुआ।
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