{"_id":"64c16a533eb20f269e0231c4","slug":"meeting-for-vishakha-guideline-in-ranikhet-ranikhet-news-c-232-1-alm1001-1087-2023-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायत निवारण समिति जरूरी : ज्योति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकायत निवारण समिति जरूरी : ज्योति
Thu, 27 Jul 2023 12:17 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 27 Jul 2023 12:17 AM IST
विज्ञापन
फोटो- 26 एएलएम 34 पी- रानीखेत के आयुर्वेदिक अनुसंधान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद राज
रानीखेत। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अनुसंधान संस्थान थापला, गनियाद्योली में बुधवार को महिला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कार्यस्थल में महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न और शोषण के लिए आंतरिक शिकायत निवारण समिति के गठन को जरूरी बताया।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने बुधवार को थापला में विशाखा समिति की मासिक बैठक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जिस कार्यालय में अधिक महिलाएं कार्य करतीं हैं वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना जरूरी है। इससे महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर होने पर उत्पीड़न, शोषण को रोका जा सकता है। अगर किसी महिला के साथ कार्यस्थल में उत्पीड़न होता है तो वह समिति में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। इससे पीड़िता को त्वरित न्याय मिलेगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने की जरूरत है। कहा कि इसके लिए महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी है। इस दौरान केंद्र के सहायक निदेशक अचिंत्य मित्रा, प्रभारी सहायक निदेशक डॉ. गजेंद्र राव, डॉ. दीपशिखा आर्या, डॉ. ऐश्वर्या आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने बुधवार को थापला में विशाखा समिति की मासिक बैठक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जिस कार्यालय में अधिक महिलाएं कार्य करतीं हैं वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना जरूरी है। इससे महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर होने पर उत्पीड़न, शोषण को रोका जा सकता है। अगर किसी महिला के साथ कार्यस्थल में उत्पीड़न होता है तो वह समिति में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। इससे पीड़िता को त्वरित न्याय मिलेगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने की जरूरत है। कहा कि इसके लिए महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी है। इस दौरान केंद्र के सहायक निदेशक अचिंत्य मित्रा, प्रभारी सहायक निदेशक डॉ. गजेंद्र राव, डॉ. दीपशिखा आर्या, डॉ. ऐश्वर्या आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन