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Almora News: मेडिकल कॉलेज में रक्त आधान पर सीएमई आयोजित
Sat, 30 May 2026 11:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 30 May 2026 11:20 PM IST
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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के ब्लड सेंटर की ओर से शनिवार को ‘रक्त आधान प्रक्रिया एवं दिशा-निर्देशों में हालिया प्रगति (ट्रांसफ्यूजन प्रैक्टिस एवं गाइडलाइंस)’ विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन एमईयू हॉल में किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने रक्त आधान से संबंधित नवीनतम तकनीकी और वैज्ञानिक जानकारियां साझा कीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में रक्त आधान को चिकित्सा विज्ञान का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए आधुनिक तकनीकों के सही और सुरक्षित उपयोग पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. एचसी गड़कोटी ने ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की चुनौतियों व उनके समाधान पर विस्तार से प्रकाश डाला। संस्थान के प्राचार्य डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम चिकित्सा छात्रों और चिकित्सकों को वैश्विक मानकों व नई चिकित्सा पद्धतियों से अवगत कराने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से आए डॉ. आशीष जैन ने रक्त के तर्कसंगत उपयोग की जानकारी दी जबकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉ. राहुल चौरसिया ने रक्त आधान की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर व्याख्यान दिया। वहीं मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के डॉ. आशीष ने प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं के प्रबंधन, डॉ. समायरा ने हेमोलिटिक एनीमिया में रक्त आधान की भूमिका व मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर हेम बहुगुणा ने रक्तदान के मनोसामाजिक लाभ एवं भारतीय संस्कृति में दान के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन नीलम रावत, निशा धामी, राजदेव सिंह, दिगंबर टम्टा, भाष्कर पांडे एवं शुभम पोखरियाल ने किया।
ये रहे मौजूद
इस दौरान कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन अध्यक्ष डॉ. अंकित कौशिक, सचिव डॉ. आशीष जैन, डॉ. कृति जोशी, डॉ. समायरा रावत, डॉ. शालिनी यादव, डॉ. नीलिमा, डॉ. साजिद, वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. उर्मिला पलारिया, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. श्वेता, डॉ. हेमंत के. दत्त आदि रहे।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने अपने संबोधन में रक्त आधान को चिकित्सा विज्ञान का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए आधुनिक तकनीकों के सही और सुरक्षित उपयोग पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. एचसी गड़कोटी ने ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की चुनौतियों व उनके समाधान पर विस्तार से प्रकाश डाला। संस्थान के प्राचार्य डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम चिकित्सा छात्रों और चिकित्सकों को वैश्विक मानकों व नई चिकित्सा पद्धतियों से अवगत कराने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से आए डॉ. आशीष जैन ने रक्त के तर्कसंगत उपयोग की जानकारी दी जबकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉ. राहुल चौरसिया ने रक्त आधान की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर व्याख्यान दिया। वहीं मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के डॉ. आशीष ने प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं के प्रबंधन, डॉ. समायरा ने हेमोलिटिक एनीमिया में रक्त आधान की भूमिका व मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर हेम बहुगुणा ने रक्तदान के मनोसामाजिक लाभ एवं भारतीय संस्कृति में दान के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन नीलम रावत, निशा धामी, राजदेव सिंह, दिगंबर टम्टा, भाष्कर पांडे एवं शुभम पोखरियाल ने किया।
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ये रहे मौजूद
इस दौरान कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन अध्यक्ष डॉ. अंकित कौशिक, सचिव डॉ. आशीष जैन, डॉ. कृति जोशी, डॉ. समायरा रावत, डॉ. शालिनी यादव, डॉ. नीलिमा, डॉ. साजिद, वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. उर्मिला पलारिया, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. श्वेता, डॉ. हेमंत के. दत्त आदि रहे।
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