{"_id":"5fbb9e8e8ebc3e7503114bee","slug":"majkhali-s-team-won-the-bhitarkot-cup-cricket-competition-ranikhet-news-hld404862023","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजखाली की टीम ने जीती भिटारकोट कप क्रिकेट प्रतियोगिता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजखाली की टीम ने जीती भिटारकोट कप क्रिकेट प्रतियोगिता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत (अल्मोड़ा)। भिटारकोट क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन हो गया है। फाइनल में मजखाली की टीम ने कुलसीबी की टीम को 70 रनों से हरा दिया। विजेता टीम को 21 हजार और उपविजेता टीम को 11 हजार रुपये और ट्राफी प्रदान की गई। पुरस्कार एससीएसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजेंद्र बाराकोटी, प्रधान संजय नेगी सहित तमाम जनप्रतिनिधियों ने वितरित किए।
फाइनल मुकाबले में कुलसीबी और मजखाली की टीमें आमने-सामने थीं। पहले खेलते हुए मजखाली की टीम ने 170 रन बनाए। जवाब में कुलसीबी की टीम 100 रनों पर आउट हो गई। एससीएसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजेंद्र बाराकोटी, प्रधान संजय नेगी, गोपाल खोलिया, राजेंद्र बिष्ट आदि ने विजेता टीम को 21 हजार रुपये और ट्राफी, उपविजेता टीम को 11 हजार रुपये और ट्राफी प्रदान की।
बता दें कि भिटारकोट में इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन 15 साल बाद हुआ। जिसे शुरू कराने में प्रधान संजय नेगी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधान संजय नेगी ने गांव के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की वकालत की। उन्होंने कहा कि इसी से आत्मनिर्भर गांव की परिकल्पना साकार होगा। यदि युवा आत्मनिर्भर हो जाएं तो गांवों से पलायन रुकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
फाइनल मुकाबले में कुलसीबी और मजखाली की टीमें आमने-सामने थीं। पहले खेलते हुए मजखाली की टीम ने 170 रन बनाए। जवाब में कुलसीबी की टीम 100 रनों पर आउट हो गई। एससीएसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजेंद्र बाराकोटी, प्रधान संजय नेगी, गोपाल खोलिया, राजेंद्र बिष्ट आदि ने विजेता टीम को 21 हजार रुपये और ट्राफी, उपविजेता टीम को 11 हजार रुपये और ट्राफी प्रदान की।
विज्ञापन
बता दें कि भिटारकोट में इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन 15 साल बाद हुआ। जिसे शुरू कराने में प्रधान संजय नेगी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधान संजय नेगी ने गांव के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की वकालत की। उन्होंने कहा कि इसी से आत्मनिर्भर गांव की परिकल्पना साकार होगा। यदि युवा आत्मनिर्भर हो जाएं तो गांवों से पलायन रुकेगा।
विज्ञापन