{"_id":"6aeccddc226766b3790a8b24","slug":"mahadev-temple-in-ujhuli-will-soon-shine-on-the-religious-tourism-map-almora-news-c-232-1-alm1002-150737-2026-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर जल्द चमकेगा उझूली का महादेव मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर जल्द चमकेगा उझूली का महादेव मंदिर
Fri, 06 Nov 2026 12:11 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 06 Nov 2026 12:11 AM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। भिकियासैंण विकासखंड के पौराणिक उझूली महादेव मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने की कवायद शुरू हो चुकी है। योजना के तहत 10 लाख रुपये से मंदिर का सौंदर्यीकरण कर इसे नए स्वरूप में लाया जाएगा। वहीं मंदिर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
भिकियासैंण विकासखंड का प्राचीन उझूली महादेव मंदिर पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सावन के महीने और महाशिवरात्रि सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) मंदिर में 10 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण कार्य कर इसको धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए शासन से बजट अवमुक्त हो गया है। इस राशि से मंदिर के मुख्य द्वार का निर्माण कार्य किया जाएगा। इससे मंदिर और भी आकर्षक लगेगा। इसके साथ ही यहां तीन टिन शेड और कक्ष का निर्माण कार्य सहित अन्य विकास कार्य किए जाने हैं। इससे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन करना आसान होगा। इससे पर्यटन कारोबार को गति मिलेगी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
कोट
मंदिर में 10 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण कार्य किए जाने हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही प्राथमिकता के साथ प्रस्तावित विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।- नीरज सिंह नयाल, जेई, कुमाऊं मंडल विकास निगम, नैनीताल
विज्ञापन
-- -- --
मंदिर पुनर्निर्माण के नाम पर निजी खातों में धनराशि नहीं देने की अपील
कपकोट(बागेश्वर)। बदियाकोट के प्राचीन आदि शक्ति मां भगवती मंदिर का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। मंदिर कमेटी के अनुसार कुछ लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपने व्यक्तिगत खातों में मंदिर पुनर्निर्माण के नाम पर धनराशि मांग रहे हैं। इसके लिए लोगों से बिना जानकारी के धनराशि नहीं भेजने की अपील की है। मंदिर कमेटी के अनुसार मां भगवती से अनुमति लेने के बाद मंदिर प्रांगण में शुद्धिकरण, प्रायश्चित पाठ, हवन-यज्ञ और गौदान समेत धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। अध्यक्ष भरत सिंह दानू, गोविंद सिंह दानू ने कहा कि मंदिर पुनर्निर्माण के लिए धनराशि जुटाने की अधिकृत व्यवस्था कमेटी की ओर से की जाएगी। उन्होंने आधिकारिक बैंक खाता, आईएफएससी कोड और क्यूआर कोड जारी होने तक किसी भी व्यक्ति के निजी खाते में मंदिर पुनर्निर्माण के नाम पर धनराशि जमा नहीं करने की अपील की है। अधिकृत जानकारी केवल मंदिर कमेटी की ओर से सार्वजनिक की जाएगी। संवाद
विज्ञापन
भिकियासैंण विकासखंड का प्राचीन उझूली महादेव मंदिर पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सावन के महीने और महाशिवरात्रि सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) मंदिर में 10 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण कार्य कर इसको धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए शासन से बजट अवमुक्त हो गया है। इस राशि से मंदिर के मुख्य द्वार का निर्माण कार्य किया जाएगा। इससे मंदिर और भी आकर्षक लगेगा। इसके साथ ही यहां तीन टिन शेड और कक्ष का निर्माण कार्य सहित अन्य विकास कार्य किए जाने हैं। इससे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन करना आसान होगा। इससे पर्यटन कारोबार को गति मिलेगी।
विज्ञापन
कोट
मंदिर में 10 लाख रुपये से सौंदर्यीकरण कार्य किए जाने हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही प्राथमिकता के साथ प्रस्तावित विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।- नीरज सिंह नयाल, जेई, कुमाऊं मंडल विकास निगम, नैनीताल
विज्ञापन
मंदिर पुनर्निर्माण के नाम पर निजी खातों में धनराशि नहीं देने की अपील
कपकोट(बागेश्वर)। बदियाकोट के प्राचीन आदि शक्ति मां भगवती मंदिर का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। मंदिर कमेटी के अनुसार कुछ लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपने व्यक्तिगत खातों में मंदिर पुनर्निर्माण के नाम पर धनराशि मांग रहे हैं। इसके लिए लोगों से बिना जानकारी के धनराशि नहीं भेजने की अपील की है। मंदिर कमेटी के अनुसार मां भगवती से अनुमति लेने के बाद मंदिर प्रांगण में शुद्धिकरण, प्रायश्चित पाठ, हवन-यज्ञ और गौदान समेत धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। अध्यक्ष भरत सिंह दानू, गोविंद सिंह दानू ने कहा कि मंदिर पुनर्निर्माण के लिए धनराशि जुटाने की अधिकृत व्यवस्था कमेटी की ओर से की जाएगी। उन्होंने आधिकारिक बैंक खाता, आईएफएससी कोड और क्यूआर कोड जारी होने तक किसी भी व्यक्ति के निजी खाते में मंदिर पुनर्निर्माण के नाम पर धनराशि जमा नहीं करने की अपील की है। अधिकृत जानकारी केवल मंदिर कमेटी की ओर से सार्वजनिक की जाएगी। संवाद