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माफिया मुक्त उत्तराखंड का संकल्प लिया
Sun, 03 Feb 2019 12:33 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन
चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sun, 03 Feb 2019 12:33 AM IST
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चौखुटिया के बसभीड़ा में आंदोलनकारियों को सम्मानित करते आयोजक आदि।
- फोटो : AMAR UJALA
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नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन की पैंतीसवीं वर्षगांठ के मौके पर बसभीड़ा में आयोजित गोष्ठी में माफिया मुक्त उत्तराखंड का संकल्प लिया गया। इस मौके पर माफिया संस्कृति की खिलाफत करने के साथ ही युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई।
कार्यक्रम के संयोजक और उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड मं बढ़ती माफिया संस्कृति देव भूमि के लिए घातक है, जिसके लिए अब तक की सरकारें जिम्मेदार हैं। उन्होंने मौजूद सभी संगठनों के प्रतिनिधियों से प्रदेश को माफिया मुक्त बनाने के लिए लामबंद होने का आह्वान किया।
इस मौके पर पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने सामाजिक विकृतियों को दूर करने के लिए एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज को सही राह दिखाने के लिए सभी संघर्षशील ताकतों को आगे आना होगा।
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गोष्ठी में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही आज पहाड़ का युवा भ्रमित होकर नशा करने लगा है। वक्ताओं ने फरवरी 1984 में बसभीड़ा से शुरू हुए नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन की चर्चा करते हुए कहा कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आंदोलन की सार्थकता और भी बढ़ गई है। इस मौके पर नशा विरोधी आंदोलन के दौरान जेल गए कमला देवी, कला कांडपाल, चंपा देवी, रामसिंहजीवंती देवी सहित कई को सम्मानित किया गया।
गोष्ठी में डीके जोशी, गोविंद सिंह, डॉ. रमेश पांडे, दीवानसिंह, आनंदी वर्मा, डॉ. कुलदीप बिष्ट, रेखा धस्माना, प्रधान धीरज तिवारी, पवन तिवारी, गोकुल कांडपाल और जमन सिंह मनराल आदि ने विचार रखे। संचालन प्रकाश जोशी ने किया। इस मौके पर एलडी मठपाल, गोकुलानंद जोशी, गोविंद सिंह, गोविंद बल्लभ जोशी, प्रेम कुमार, शशि उनियाल, प्रकाश उनियाल आदि मौजूद थे।
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कार्यक्रम के संयोजक और उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड मं बढ़ती माफिया संस्कृति देव भूमि के लिए घातक है, जिसके लिए अब तक की सरकारें जिम्मेदार हैं। उन्होंने मौजूद सभी संगठनों के प्रतिनिधियों से प्रदेश को माफिया मुक्त बनाने के लिए लामबंद होने का आह्वान किया।
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इस मौके पर पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने सामाजिक विकृतियों को दूर करने के लिए एकजुटता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज को सही राह दिखाने के लिए सभी संघर्षशील ताकतों को आगे आना होगा।
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गोष्ठी में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही आज पहाड़ का युवा भ्रमित होकर नशा करने लगा है। वक्ताओं ने फरवरी 1984 में बसभीड़ा से शुरू हुए नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन की चर्चा करते हुए कहा कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आंदोलन की सार्थकता और भी बढ़ गई है। इस मौके पर नशा विरोधी आंदोलन के दौरान जेल गए कमला देवी, कला कांडपाल, चंपा देवी, रामसिंहजीवंती देवी सहित कई को सम्मानित किया गया।
गोष्ठी में डीके जोशी, गोविंद सिंह, डॉ. रमेश पांडे, दीवानसिंह, आनंदी वर्मा, डॉ. कुलदीप बिष्ट, रेखा धस्माना, प्रधान धीरज तिवारी, पवन तिवारी, गोकुल कांडपाल और जमन सिंह मनराल आदि ने विचार रखे। संचालन प्रकाश जोशी ने किया। इस मौके पर एलडी मठपाल, गोकुलानंद जोशी, गोविंद सिंह, गोविंद बल्लभ जोशी, प्रेम कुमार, शशि उनियाल, प्रकाश उनियाल आदि मौजूद थे।