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कूड़े से होता है पर्यटकों का स्वागत
ब्यूरो/ अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)
Updated Sun, 08 Feb 2015 11:53 PM IST
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पर्यटन नगरी में पर्यटकों का स्वागत बेतरतीब बिखरे कूड़े से होता है। हल्द्वानी, रामनगर मुख्य मोटर मार्ग पर स्थित गनियाद्योली में बिखरा कूड़ा इस बात की तस्दीक कर रहा है। यह क्षेत्र तराई की तरफ से पर्यटन नगरी का मुख्य प्रवेश द्वार है। जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है, एसएसबी का सीमांत मुख्यालय होने के बावजूद विकास के ठोस इंतजाम तक नहीं है। कूड़े ने गनियाद्योली की खूबसूरती को भी प्रभावित कर दिया है।
गनियाद्योली पाली और विशुवा ग्रामसभा का हिस्सा है। जिस कारण यहां सफाई की कोई भी व्यवस्था नहीं है। हल्द्वानी, रामनगर की ओर से आने वाले पर्यटक चाय पीने, शौच के लिए गनियाद्योली में रुकते हैं।
स्थानीय निवासी भाष्कर बिष्ट का कहना है कि युवाओं के सहयोग से कई बार स्वयं सफाई करनी पड़ती है, लेकिन हालात नहीं बदल रह हैं। जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है। डेढ़ दशक पहले तक यहां आठ से नौ सौ लोग रहते थे, वर्तमान में यहां 17 से 18 सौ लोग रह रहे हैं। यही नहीं गनियाद्योली में एसएसबी का सीमांत मुख्यालय भी है। अधिकारी, कर्मचारियों के आवासगृह भी यहीं पर हैं। प्रधान हीरा सिंह नेगी का कहना है कि सफाई व्यवस्था चुनौती है। स्वच्छता मद में कुछ भी धनराशि नहीं मिली है।
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गनियाद्योली पाली और विशुवा ग्रामसभा का हिस्सा है। जिस कारण यहां सफाई की कोई भी व्यवस्था नहीं है। हल्द्वानी, रामनगर की ओर से आने वाले पर्यटक चाय पीने, शौच के लिए गनियाद्योली में रुकते हैं।
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स्थानीय निवासी भाष्कर बिष्ट का कहना है कि युवाओं के सहयोग से कई बार स्वयं सफाई करनी पड़ती है, लेकिन हालात नहीं बदल रह हैं। जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है। डेढ़ दशक पहले तक यहां आठ से नौ सौ लोग रहते थे, वर्तमान में यहां 17 से 18 सौ लोग रह रहे हैं। यही नहीं गनियाद्योली में एसएसबी का सीमांत मुख्यालय भी है। अधिकारी, कर्मचारियों के आवासगृह भी यहीं पर हैं। प्रधान हीरा सिंह नेगी का कहना है कि सफाई व्यवस्था चुनौती है। स्वच्छता मद में कुछ भी धनराशि नहीं मिली है।
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