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बच्चों के मानसिक स्तर का हो बाल साहित्य : डॉ. बिष्ट
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:34 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। यूकॉस्ट और बाल साहित्य संस्थान की ओर से रविवार को जीआईसी अल्मोड़ा में बाल साहित्य में विज्ञान लेखन विषय पर संगोष्ठी हुई। इसमें मुख्य अतिथि भोजपुरी अकादमी दिल्ली के सचिव डॉ. हरिसुमन बिष्ट ने कहा कि बाल साहित्य बच्चों के मानसिक स्तर के अनुरूप लिखा जाना चाहिए। बच्चों के लिए लेखन करने वाले को बाल मनोविज्ञान की गहरी समझ होनी चाहिए।
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डॉ. बिष्ट ने बाल साहित्य संस्थान के वार्षिक कार्यक्रम में अव्वल आने वाले एक बच्चे को हर साल 11 हजार रुपए देने की घोषणा की। डॉ. उमा भट्ट ने कहा कि बच्चों को अपने ढंग से सोचने की छूट होनी चाहिए। डॉ. ओंकारनाथ कोष्ठा ने रस, छंद, अलंकारों को गूंथ कर बाल साहित्य लेखन करने पर जोर दिया। प्रो. जगत सिंह बिष्ट ने कहा कि साहित्य में बाल विज्ञान लेखन जरूरी है।
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उन्होंने लोक विज्ञान को समाहित कर लिखने पर जोर दिया। अध्यक्षता करते हुए महादेवी वर्मा सृजन पीठ के निदेशक प्रो. देव सिंह पोखरिया ने कहा कि बाल साहित्य लेखन आज के समय की जरूरत है। लेखन में अतिरेक से बचना चाहिए। लेखक को यथार्थ लेखन करना चाहिए। केंद्रीय विद्यालय दिल्ली के शिक्षक अमरेंद्र सिंह की अनूठी बाल कहानियां का लोकार्पण किया गया।
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उदय किरौला, नीरज पंत ने संचालन किया। इस दौरान चंद्रप्रकाश फुलोरिया, डॉ. हयात रावत, डॉ. ललित जलाल, मोती प्रसाद साहू, संतोष किरौला, बीनू जोशी, विनीता जोशी, डॉ. दीपा गुप्ता, गिरीश मल्होत्रा, लीला खोलिया, प्रमोद तिवारी, पवनेश ठकुराठी, ललित जोशी, बीनू चतुर्वेदी, विमला जोशी, प्रेमा गड़कोटी, राधा बंगारी, पुष्पा कैड़ा, डॉ. अवनीश अग्निहोत्री, डॉ. दीपा कांडपाल, यामिनी जोशी, विमला जोशी, नंदी किरौला, हेमलता वर्मा, मंजू पांडे, डॉ. कपिल नयाल, सुप्रिया महरा, नवीन पाठक, परमेश्वरी शर्मा आदि थे।
अल्मोड़ा। भोजपुरी अकादमी दिल्ली के सचिव और हिंदी अकादमी के पूर्व सचिव डॉ. हरिसुमन बिष्ट का जीआईसी अल्मोड़ा में नागरिक अभिनंदन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. बिष्ट की करीब एक दर्जन पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। साहित्य जगत में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले कथाकार हैं। डॉ. बिष्ट ने उत्तराखंड के पहाड़ी परिवेश, जनसरोकारों को अपने कहानियों के माध्यम से ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया। विभिन्न संगठनों की ओर से डॉ. बिष्ट को अभिनंदन पत्र भेंट करने के साथ ही शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।