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बालिका से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 04 Jan 2017 10:59 PM IST
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विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में दोषी को पॉक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है जबकि धारा 354 के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।
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सत्र न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा है कि अर्थदंड से प्राप्त 25 हजार की राशि पर्याप्त नहीं होने के कारण पीड़िता को सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए राज्य सरकार से दो लाख रुपए की सहायता दिलाने का आदेश दिया है। इसके लिए जिलाधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।
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घटनाक्रम के मुताबिक माता-पिता की बचपन में ही मृत्यु के चलते छह साल की उम्र में पीड़िता अपने रिश्तेदार के यहां रहने लगी थी। कुछ समय बाद ही वह उसका शारीरिक शोषण करने लगा। दो वर्ष बाद पीड़िता ने अपने स्कूल के प्रधानाचार्य को इसकी जानकारी दी। उनकी सूचना पर महिला यौन उत्पीड़न सदस्य ज्योति साह ने क्षेत्रीय पटवारी के यहां मामला दर्ज कराया। जिला सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद्र फुलारा और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैलवाल ने कोर्ट में 12 गवाह पेश किए। सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र शर्मा ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर तहसील रानीखेत क्षेत्र के रहने वाले आरोपी को धारा 376 (2), 354 और पॉक्सो एक्ट में दोषी पाया।
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