{"_id":"59f7619b4f1c1bb6678b85c3","slug":"life-imprisonment-for-father-in-minor-marriage","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग की शादी में पिता को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग की शादी में पिता को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Tue, 31 Oct 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में नाबालिग लड़की की शादी करने के मामले में लड़की के पिता को आजीवन कारावास, लड़की की दादी, दूल्हे और दोनों पक्षों के पंडितों समेत शादी कराने में शामिल सात लोगों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। लड़की का पिता और मां पिछले आठ माह से जेल में हैं, जबकि अन्य जमानत पर छूटे हुए थे। अदालत के फैसले के बाद अन्य दोषियों को भी जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी शेखर चंद्र नैल्वाल और सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी भूपेंद्र कुमार जोशी ने मामले की पैरवी की और अदालत में आठ गवाह पेश किए।
विज्ञापन
गवाहों और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. शर्मा ने लड़की के पिता राजन राम पुत्र हरीश राम को मानव तस्करी यानी धारा 370 (4) और 120 बी के तहत आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा उसे बाल विवाह अवरोध अधिनियम धारा 10 के तहत दो वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है।
विज्ञापन
अदालत ने दूल्हे गजेंद्र सिंह पुत्र ननुवा निवासी नगला केशू (अलीगढ़) और शादी कराने की साजिश में शामिल सुंदरी देवी पत्नी हरीश राम (लड़की की दादी), पुष्पा देवी पत्नी मेघेंद्र सिंह, मेघेंद्र सिंह पुत्र भवर सिंह, जगदीश राम पुत्र राम लाल और देवेंद्र कुमार पुत्र जगदीश राम (दोनों पक्षों के पंडित) को धारा 370 (4) और 120 बी के तहत 10-10 साल का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। रविकरन पुत्र लीला सिंह, राजकुमार पुत्र ननुवा और देवकी पुत्री ननुवा को साक्ष्य नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया गया। अदालत ने लड़की की मां भवानी देवी पत्नी राजन राम को बाल विवाह अधिनियम धारा 11 के तहत पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने और अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का कारावास भुगतने का फैसला सुनाया है। मालूम हो कि पीड़िता की मां भवानी देवी भी पिछले आठ माह से जेल में है इसलिए अदालत के फैसले के बाद उसे रिहा कर दिया जाएगा।
यह था मामला
इसी साल 28 फरवरी को चाइल्ड हेल्प लाइन अल्मोड़ा के माध्यम से पनुवानौला के राजस्व उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट को जानकारी मिली कि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के अंतर्गत थाना गौड़ा के नगला केशू गांव से आए कुछ लोग खोला गांव से राजन राम की 13 साल सात माह की लड़की को ब्याह कर ले जा रहे हैं। राजस्व उपनिरीक्षक ने इसकी सूचना तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को दी। इस बीच अलीगढ़ से आए लोग शादी के बाद लड़की को लेकर रवाना हो चुके थे। सूचना मिलने पर अल्मोड़ा कोतवाली पुलिस ने 38 साल के दूल्हे समेत सात लोगों को अल्मोड़ा के निकट एनटीडी में हिरासत में ले लिया। इसके बाद भनोली के तहसीलदार बहादुर सिंह ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जबकि लड़की को बाल किशोरी सदन अल्मोड़ा भेज दिया गया। बाद में राजस्व पुलिस ने इस मामले में लड़की की माता, पिता, शादी कराने वाले पंडित समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में माता-पिता को छोड़कर अन्य को जमानत मिल गई थी।