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Almora News: सल्ट के 120 गांवों में पांच दिन से पेयजल आपूर्ति ठप
Sun, 11 Jun 2023 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 11 Jun 2023 11:52 PM IST
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सल्ट के पैसिया में इस तरह हैंडपंप से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं लोग। संवाद
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अल्मोड़ा/मौलेखाल। तपिश बढ़ते ही जिले में हर तरफ पानी का संकट गहरा गया है। हालात यह हैं कि कहीं टैंकर और डंपर से पानी बांटा जा रहा है तो कहीं लोग हैंडपंप और प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। सल्ट में हालात और भी गंभीर हैं। यहां के 120 से अधिक गांवों के लोगों की प्यास बुझाने वाली सबसे बड़ी शशिखाल-कोटेश्वर पेयजल योजना पांच दिनों से ठप है। योजना के पंप बंद हैं। उनसे पानी लिफ्ट नहीं हो रहा। ऐसे में यहां की 15,000 से अधिक की आबादी को पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा है।
जिले के लमगड़ा, बल्टा, कपड़खान, गुरुड़ाबांज, कसारदेवी, काफलीखान, डीनापानी आदि क्षेत्रों में लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं। वहीं सल्ट के ब्लॉक मुख्यालय मौलेखाल, शशिखाल, जालीखान, तहसील चौक, प्रेमनगर, मोहरखेत, सकरखोला, भ्याड़ी, कुन्हील, डहला, औलेत, पोखरी, नपटुआ, बासो, वैला, देवायल, हिनौला, करगेत, थला, नदोली, रिक्वासी सहित 120 से अधिक गांवों की 15,000 से अधिक की आबादी की प्यास बुझाने के लिए बनी शशिखाल-कोटेश्वर योजना को बिजली आपूर्ति करने वाली 33 केवीए लाइन में पांच दिन पूर्व खराबी आ गई थी जिसे सुधारा नहीं जा सका है।
सल्ट में सैकड़ों नल सूखे हैं और लोगों को प्रचंड गर्मी में भी पीने का पानी नहीं मिल रहा है। लोग पानी की बूंद के लिए तरस गए हैं। कोई हैंडपंप तो कोई प्राकृतिक जल स्रोतों से गर्मी के बीच पानी ढोकर अपनी जरूरत पूरी करने में जुटा है। लंबे समय बाद भी खराबी दूर न होने से लोगों में यूपीसीएल और जल निगम के खिलाफ खासा आक्रोश है। लोगों ने जल संस्थान और यूपीसीएल के अभियंताओं से समस्या सुलझाने की मांग की है।
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अल्मोड़ा के आसपास भी लग रही नौले-धारों पर कतार
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय के आसपास के क्षेत्रों में लोग नौले-धारों से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। न्यू इंदिरा कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, खत्याड़ी, केनाल कॉलोनी के साथ ही एसएसजे हॉस्टल के विद्यार्थी सिमकनी मैदान स्थित धारे से अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। हालात यह हैं कि एसएसजे हॉस्टल के विद्यार्थियों को रात के समय धारे से पानी ढोना पड़ रहा है। धारे से पानी लेने के लिए कतार लग रही है और लोगों को अपनी बारी का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
बोले लोग
पांच दिनों से पानी की आपूर्ति ठप है। गर्मी के मौसम में भी पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है। सरकार के हर घर नल से जल पहुंचाने के सभी दावे फेल हैं। - मनमोहन, मौलेखाल।
पानी के लिए हाहाकार मचा है। नल से पानी की बूंद नहीं टपक रही। किसी तरह लोग पीने के लिए पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। समस्या कोई नहीं सुलझा रहा। - बची राम, पैसिया।
पांच दिन से पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति ठप है। इस कारण लोगों का पूरा दिन हैंडपंप और प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोने में ही गुजर जा रहा है। - रविंद्र रावत, प्रेमनगर।
पांच दिन बाद भी पेयजल योजना की बिजली ठीक नहीं की जा सकी है। जल निगम और यूपीसीएल की लापरवाही की मार हमें सहनी पड़ रही है। - बलवंत रावत, तहसील चौक।
पंपिंग योजना के लिए बिजली आपूर्ति बाधित होने से दिक्कत आई है। खराबी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। व्यवस्था में जल्द सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। - मोहिंद्र बिष्ट, जेई, विद्युत यांत्रिक खंड, जल निगम, सल्ट।
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जिले के लमगड़ा, बल्टा, कपड़खान, गुरुड़ाबांज, कसारदेवी, काफलीखान, डीनापानी आदि क्षेत्रों में लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं। वहीं सल्ट के ब्लॉक मुख्यालय मौलेखाल, शशिखाल, जालीखान, तहसील चौक, प्रेमनगर, मोहरखेत, सकरखोला, भ्याड़ी, कुन्हील, डहला, औलेत, पोखरी, नपटुआ, बासो, वैला, देवायल, हिनौला, करगेत, थला, नदोली, रिक्वासी सहित 120 से अधिक गांवों की 15,000 से अधिक की आबादी की प्यास बुझाने के लिए बनी शशिखाल-कोटेश्वर योजना को बिजली आपूर्ति करने वाली 33 केवीए लाइन में पांच दिन पूर्व खराबी आ गई थी जिसे सुधारा नहीं जा सका है।
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सल्ट में सैकड़ों नल सूखे हैं और लोगों को प्रचंड गर्मी में भी पीने का पानी नहीं मिल रहा है। लोग पानी की बूंद के लिए तरस गए हैं। कोई हैंडपंप तो कोई प्राकृतिक जल स्रोतों से गर्मी के बीच पानी ढोकर अपनी जरूरत पूरी करने में जुटा है। लंबे समय बाद भी खराबी दूर न होने से लोगों में यूपीसीएल और जल निगम के खिलाफ खासा आक्रोश है। लोगों ने जल संस्थान और यूपीसीएल के अभियंताओं से समस्या सुलझाने की मांग की है।
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अल्मोड़ा के आसपास भी लग रही नौले-धारों पर कतार
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय के आसपास के क्षेत्रों में लोग नौले-धारों से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। न्यू इंदिरा कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, खत्याड़ी, केनाल कॉलोनी के साथ ही एसएसजे हॉस्टल के विद्यार्थी सिमकनी मैदान स्थित धारे से अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। हालात यह हैं कि एसएसजे हॉस्टल के विद्यार्थियों को रात के समय धारे से पानी ढोना पड़ रहा है। धारे से पानी लेने के लिए कतार लग रही है और लोगों को अपनी बारी का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
बोले लोग
पांच दिनों से पानी की आपूर्ति ठप है। गर्मी के मौसम में भी पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है। सरकार के हर घर नल से जल पहुंचाने के सभी दावे फेल हैं। - मनमोहन, मौलेखाल।
पानी के लिए हाहाकार मचा है। नल से पानी की बूंद नहीं टपक रही। किसी तरह लोग पीने के लिए पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। समस्या कोई नहीं सुलझा रहा। - बची राम, पैसिया।
पांच दिन से पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति ठप है। इस कारण लोगों का पूरा दिन हैंडपंप और प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोने में ही गुजर जा रहा है। - रविंद्र रावत, प्रेमनगर।
पांच दिन बाद भी पेयजल योजना की बिजली ठीक नहीं की जा सकी है। जल निगम और यूपीसीएल की लापरवाही की मार हमें सहनी पड़ रही है। - बलवंत रावत, तहसील चौक।
पंपिंग योजना के लिए बिजली आपूर्ति बाधित होने से दिक्कत आई है। खराबी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। व्यवस्था में जल्द सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। - मोहिंद्र बिष्ट, जेई, विद्युत यांत्रिक खंड, जल निगम, सल्ट।