{"_id":"6adf95cb82af78affb02347d","slug":"leopards-growl-in-almora-leaving-residents-sleepless-almora-news-c-232-1-alm1002-150350-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: अल्मोड़ा में तेंदुओं की गुर्राहट, लोगों की उड़ी नींद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: अल्मोड़ा में तेंदुओं की गुर्राहट, लोगों की उड़ी नींद
Mon, 26 Oct 2026 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:32 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। नगर के घनी आबादी वाले जोशी खोला क्षेत्र में एक साथ दो तेंदुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। इनकी गुर्राहट से लोगों की नींद उड़ी हुई है। दोनों तेंदुए आर्य कन्या इंटर कॉलेज के पास एक मकान की छत पर चहलकदमी करते हुए दिखे। रविवार रात 2:15 बजे सीसीटीवी में कैद हुए तेंदुओं की वीडियो वायरल होने से लोगों में दहशत फैल गई है।
स्कूल के नजदीक वन्यजीवों की मौजूदगी से छात्राएं और अभिभावक चिंतित है। सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए स्कूल के पास एक मकान की छत पर घूमते दिखे। रिहायशी इलाके में दो तेंदुओं की सक्रियता से लोगों में खौफ है। खासकर विद्यालय के पास तेंदुओं की सक्रियता से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं।
वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम आर्या ने बताया कि सूचना पर वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि तेंदुआ दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। आर्या ने लोगों से रात में सतर्क रहने की अपील की है।
विज्ञापन
बागेश्वर में बंदरों की दहशत, 15 दिन में 10 लोग हुए घायल
बागेश्वर। नगर में बीते 15 दिनों में बंदरों के हमले में आठ से 10 लोग जख्मी हो गए। इससे व्यापारी और नागरिक बेहद परेशान हैं।
सरयू पुल, गोमती पुल, ब्लॉक कार्यालय, कठायतबाड़ा, ठाकुरद्वारा और तहसील परिसर जैसे व्यस्त इलाकों में बंदरों की तादाद बढ़ी है। बंदरों के झपटने से कई लोग चोटिल हो चुके हैं। दिन में बंदर घर और दुकानों से सामान उठा रहे हैं। वहीं बिजली और इंटरनेट के तारों पर उनकी छलांग मारने से हादसों का डर बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि तार टूटकर सड़कों पर गिरने और करंट फैलने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन व वन विभाग से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। सब्जी व्यापारी कुंवर सिंह कोरंगा ने कहा बाजार में सब्जी की दुकानें खुली रहती हैं और बंदर सीधे सामान पर झपट्टा मार देते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राहकों का सामान छीनना और उन्हें नुकसान पहुंचाना आम बात हो गई है। वन विभाग रोजाना बंदरों को पकड़ने के दावे तो करता है लेकिन दिन-प्रतिदिन बढ़ती बंदरों की संख्या इन दावों की कलई खोल रही है।
जिले में बंदरों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही नगर क्षेत्र में उत्पात मचा रहे बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। - प्रकाश आर्या, डीएफओ
विज्ञापन
स्कूल के नजदीक वन्यजीवों की मौजूदगी से छात्राएं और अभिभावक चिंतित है। सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए स्कूल के पास एक मकान की छत पर घूमते दिखे। रिहायशी इलाके में दो तेंदुओं की सक्रियता से लोगों में खौफ है। खासकर विद्यालय के पास तेंदुओं की सक्रियता से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं।
विज्ञापन
वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम आर्या ने बताया कि सूचना पर वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि तेंदुआ दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। आर्या ने लोगों से रात में सतर्क रहने की अपील की है।
विज्ञापन
बागेश्वर में बंदरों की दहशत, 15 दिन में 10 लोग हुए घायल
बागेश्वर। नगर में बीते 15 दिनों में बंदरों के हमले में आठ से 10 लोग जख्मी हो गए। इससे व्यापारी और नागरिक बेहद परेशान हैं।
सरयू पुल, गोमती पुल, ब्लॉक कार्यालय, कठायतबाड़ा, ठाकुरद्वारा और तहसील परिसर जैसे व्यस्त इलाकों में बंदरों की तादाद बढ़ी है। बंदरों के झपटने से कई लोग चोटिल हो चुके हैं। दिन में बंदर घर और दुकानों से सामान उठा रहे हैं। वहीं बिजली और इंटरनेट के तारों पर उनकी छलांग मारने से हादसों का डर बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि तार टूटकर सड़कों पर गिरने और करंट फैलने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन व वन विभाग से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। सब्जी व्यापारी कुंवर सिंह कोरंगा ने कहा बाजार में सब्जी की दुकानें खुली रहती हैं और बंदर सीधे सामान पर झपट्टा मार देते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राहकों का सामान छीनना और उन्हें नुकसान पहुंचाना आम बात हो गई है। वन विभाग रोजाना बंदरों को पकड़ने के दावे तो करता है लेकिन दिन-प्रतिदिन बढ़ती बंदरों की संख्या इन दावों की कलई खोल रही है।
जिले में बंदरों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। जल्द ही नगर क्षेत्र में उत्पात मचा रहे बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। - प्रकाश आर्या, डीएफओ