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Almora News: जीवलखाल में रास्ते पर दिखा तेंदुआ, तल्ला सल्ट में दहशत
Thu, 24 Sep 2026 12:44 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:44 AM IST
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मौलेखाल(अल्मोड़ा)। तल्ला सल्ट क्षेत्र में तेंदुओं की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते मंगलवार को टोटाम में एक साथ तीन तेंदुए दिखाई देने के बाद बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे जीवलखाल गांव में फिर तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। जिस समय तेंदुआ गांव की ओर आने वाले रास्ते पर दिखाई दिया, उस समय कुछ बच्चे स्कूल जाने के लिए घरों से निकल चुके थे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ा और बाद में अभिभावकों ने बच्चों को अपनी निगरानी में स्कूल पहुंचाया।
चरीक्यारी निवासी गीता देवी ने बताया कि बुधवार सुबह उनकी जेठानी बिंदी देवी की नजर घोड़ीधार से जीवलखाल की ओर आने वाले रास्ते पर तेंदुए पर पड़ी। सूचना मिलते ही गीता देवी समेत अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोरगुल किया जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर चला गया। इसी दौरान गीता देवी की भतीजी हंसी ने तेंदुआ का वीडियो भी बनाया। वीडियो में तेंदुआ घोड़ीधार से जीवलखाल आने वाले रास्ते पर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की लगातार आवाजाही ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। करीब डेढ़ सप्ताह पहले भी चरीक्यारी क्षेत्र में दो तेंदुए दिखाई दिए थे।
पिंजरा लगाने की मांग
घटना की सूचना प्रधान प्रतिनिधि भरत बिष्ट को दी गई। इसके बाद भरत बिष्ट और गांव के सरपंच मानसिंह वन क्षेत्राधिकारी हेमा कर्नाटक से मिलने मोहान पहुंचे। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पिंजरा लगाने, गश्त बढ़ाने और तेंदुआ की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी की मांग की। इसी दौरान सरपंच मानसिंह के पीछे उनकी पत्नी घर के पास बकरियों को चारा चुगाने गई थीं जहां तेंदुआ ने एक बकरी को मार डाला। इसकी सूचना भी वन विभाग को दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए अब जंगल तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि गांव के आसपास और घरों के नजदीक तक पहुंच रहे हैं। इससे लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।
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क्षेत्र में लगातार तेंदुए की गतिविधियां बनी हुईं हैं। इसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई है। ग्रामीण महिलाओं से जंगल में घास, चारा और लकड़ी लेने अकेले नहीं जाने की अपील की गई है। घटना के बाद रेंजर से मुलाकात कर गांव में पिंजरा लगाने की अनुमति दोबारा देने, सतर्कता अभियान चलाने और गश्त बढ़ाने का आग्रह किया गया है। -भरत बिष्ट, प्रधान प्रतिनिधि
बुधवार को जीवलखाल में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिली थी। सूचना पर वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में गश्त कर ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। तेंदुए की सक्रियता पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और ड्रोन से आसपास के क्षेत्र की निगरानी की गई। डभरा-सौराल क्षेत्र में भी गश्त कर ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के उपाय बताए गए हैं। कैमरा ट्रैप की जांच में फिलहाल वन्यजीव की कोई गतिविधि दर्ज नहीं हुई है। -हेमा कर्नाटक, वन क्षेत्राधिकारी
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चरीक्यारी निवासी गीता देवी ने बताया कि बुधवार सुबह उनकी जेठानी बिंदी देवी की नजर घोड़ीधार से जीवलखाल की ओर आने वाले रास्ते पर तेंदुए पर पड़ी। सूचना मिलते ही गीता देवी समेत अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोरगुल किया जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर चला गया। इसी दौरान गीता देवी की भतीजी हंसी ने तेंदुआ का वीडियो भी बनाया। वीडियो में तेंदुआ घोड़ीधार से जीवलखाल आने वाले रास्ते पर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की लगातार आवाजाही ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। करीब डेढ़ सप्ताह पहले भी चरीक्यारी क्षेत्र में दो तेंदुए दिखाई दिए थे।
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पिंजरा लगाने की मांग
घटना की सूचना प्रधान प्रतिनिधि भरत बिष्ट को दी गई। इसके बाद भरत बिष्ट और गांव के सरपंच मानसिंह वन क्षेत्राधिकारी हेमा कर्नाटक से मिलने मोहान पहुंचे। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पिंजरा लगाने, गश्त बढ़ाने और तेंदुआ की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी की मांग की। इसी दौरान सरपंच मानसिंह के पीछे उनकी पत्नी घर के पास बकरियों को चारा चुगाने गई थीं जहां तेंदुआ ने एक बकरी को मार डाला। इसकी सूचना भी वन विभाग को दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए अब जंगल तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि गांव के आसपास और घरों के नजदीक तक पहुंच रहे हैं। इससे लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।
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क्षेत्र में लगातार तेंदुए की गतिविधियां बनी हुईं हैं। इसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई है। ग्रामीण महिलाओं से जंगल में घास, चारा और लकड़ी लेने अकेले नहीं जाने की अपील की गई है। घटना के बाद रेंजर से मुलाकात कर गांव में पिंजरा लगाने की अनुमति दोबारा देने, सतर्कता अभियान चलाने और गश्त बढ़ाने का आग्रह किया गया है। -भरत बिष्ट, प्रधान प्रतिनिधि
बुधवार को जीवलखाल में तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिली थी। सूचना पर वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में गश्त कर ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। तेंदुए की सक्रियता पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और ड्रोन से आसपास के क्षेत्र की निगरानी की गई। डभरा-सौराल क्षेत्र में भी गश्त कर ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के उपाय बताए गए हैं। कैमरा ट्रैप की जांच में फिलहाल वन्यजीव की कोई गतिविधि दर्ज नहीं हुई है। -हेमा कर्नाटक, वन क्षेत्राधिकारी