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दिन में बंदरों का और रात में तेंदुए का आतंक
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 27 Feb 2017 10:27 PM IST
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एक तरफ कटखने बंदरों का आतंक तो दूसरी तरफ तेंदुए की गुर्राहट ने नगर और आसपास के गांव के लोगों की नींद हराम कर रखी है। बंदरों और तेंदुओं के आतंक से लोगों को न दिन में चैन मिल रहा है न रात को नींद आ पा रही है। बीते रविवार देर शाम को तेंदुआ जाखनदेवी इलाके में घूमता दिखाई दिया। इस दौरान उसने एक पालतू कुत्ते को मार डाला।
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पिछले कुछ दिनों से नगर के विभिन्न हिस्सों में तेंदुआ फिर दिखाई देने लगा है। सिकुड़ा बैंड, विश्वनाथ रोड के अलावा अब तेंदुआ रानीधारा और जाखनदेवी क्षेत्र में लोगों को दिखाई दे रहा है। बीते रविवार देर सायं जाखनदेवी सृजनधाम निवासी आदित्य पांडे के मकान के पीछे तेंदुए की गुर्राहट सुनाई दी। सुबह मकान के पिछले हिस्से में आधा खाया हुआ कुत्ता मरा पड़ा मिला। बाद में नगरपालिका के कर्मचारियों ने उस जगह सफाई की। मार्निंग वॉक के समय भी कई लोगों को तेंदुआ दिखाई दिया है।
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लोगों ने पालिका से क्षेत्र में फैली झाड़ियों को कटवाने और वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर दिन के समय लोग बंदरों के आतंक से भी परेशान हैं। खासकर सुबह ट्यूशन और स्कूल को जाने वाले बच्चों को कटखने बंदरों को देखते हुए अपना रास्ता बदलना पड़ रहा है। नगर के कूर्मांचल एकेडमी, एडम्स गर्ल्स इंटर कालेज, पोखरखाली और रानीधारा क्षेत्र में सबसे ज्यादा बंदर हैं जो हर समय आसपास के क्षेत्र में घूमते रहते हैं।
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