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मानिला में तेंदुए की दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, मानिला (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:26 PM IST
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क्षेत्र के सकनाड़ा, बेसरबगड़, सैंणमानुर, छिड़ंगा गांवों में तेंदुए की दहशत बनी है। तेंदुआ एक पखवाड़े में इन गांवों में आठ मवेशियों को मार चुका है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से गांव में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने, मारे गए मवेशियों का मुआवजा देने की मांग की है।
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सकनाड़ा, बेसरबगड़, सैंणमानुर गांवों की आबादी क्षेत्र में दिन में ही तेंदुआ दिखाई दे रहा है। शाम होते ही गांव में दहाड़ मारते घूम रहा है। तेंदुए ने जंगल से सकनाड़ा निवासी भोला सिंह की चार बकरियां, छिड़ंगा निवासी शंभू दत्त की बछिया, सैंणमानुर में हरीश सिंह की बछिया को मार दिया। तेंदुए की डर से लोगों का दिन में भी अकेले गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शाम होते ही ग्रामीण दहशत से घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
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तेंदुए के डर से लोग जानवर चराने जंगल भी नहीं जा रहे हैं। बीडीसी सदस्य गणेश रावत, प्रधान महिपाल अस्वाल, सोनू तिवारी, जगत मनराल, इंद्र गोस्वामी आदि ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से तेंदुए को पकड़ने को पिंजरा लगाने की मांग की है। उन्होंने मारे गए मवेशियों के पालकों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई है।
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