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द्वाराहाट में गोशाला तोड़कर तेंदुए ने दो बकरियों का बनाया निवाला
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रानीखेत/ द्वाराहाट। क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रानीखेत के सिंगोली, खनियां, कुणकोली, कारचूली सहित तमाम स्थानों पर तेंदुआ अभी तक पकड़ में नहीं आया है। दिनदहाड़े तेंदुआ लोगों पर झपटने का प्रयास कर रहा है। द्वाराहाट में दो गोशाले तोड़कर तेंदुए ने दो बकरियों को निवाला बना लिया। वहीं, एक आंगन से कुत्ते को उठा ले गया, पास खड़ी छोटी बच्ची हमला होने बाल बाल बची।
रानीखेत के सिंगोली सहित तमाम इलाकों में तेंदुए की दहशत जारी है। ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति खासा आक्रोश है। हालांकि वन विभाग की टीम नियमित इन क्षेत्रों में गश्त कर रही है, पिंजरे भी लगाए गए हैं।
द्वाराहाट के विभिन्न क्षेत्रों में तेंदुए का आतंक जारी है। मल्ली मिरई में तेंदुए ने हंसी देवी के गोशाले का दरवाजा तोड़कर बकरी को निवाला बना लिया। ग्रामीणों के शोरगुल मचाने के बाद तेंदुआ वहां से भागने में कामयाब रहा। दिन दहाड़े तेंदुआ घरों और गोशालों में घुस रहा है, जिस कारण ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति भारी आक्रोश है।
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द्वाराहाट में ही देव राम की बकरी को भी तेंदुआ गोठ से उठा ले गया। रात्रि में कुत्ते पर तेंदुए ने हमला बोल दिया। वहां एक छोटी बच्ची भी मौजूद थी, जो हमले में बालबाल बची। इस तरह की घटनाओं से ग्रामीण खासे परेशान हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य रतन कुमार ने रेंजर को ज्ञापन भेजकर इन क्षेत्रों में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र तेंदुए नहीं पकड़े गए तो ग्रामीण वृहद आंदोलन शुरू कर देंगे।
जौलकांडे-बोरगांव में दिनदहाड़े धमक रहे जंगली सुुअर
बागेश्वर। ग्रामीण इलाकों में जंगली सुअर और बंदर खेतीबाड़ी के दुश्मन बन गए हैं। जौलकांडे और बोरगांव में इन दिनों जंगली सुअरों का आतंक बढ़ गया है। दिनदहाड़े सुअरों का झुंड गांव में धमक कर फसल और सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहा है। लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली सुअरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे पांच-छह जंगली सुअर गांव में धमक गए। ग्रामीणों ने सुअरों को आबादी के बीच देखा तो वह दहशत में आ गए। लोगों ने किसी तरह से शोरगुल करके और पटाखे छुड़ाकर उन्हें गांव से खदेड़ा। पूर्व ग्राम प्रधान दर्वान सिंह बिष्ट ने बताया कि गांव में लगातार जंगली सुअरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। खेतों में उग रही फसल और सब्जियों को सुअर नष्ट कर ग्रामीणों की मेहनत में पानी फेर रहे हैं। पहले रात के समय अक्सर सुअर गांव में आते थे, अब दिनदहाड़े की आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। जिसके कारण ग्रामीणों के लिए भी खतरा बढ़ रहा है।
जानकारी के अभाव में नियम का नहीं उठा पा रहे लाभ
बागेश्वर। सरकार ने जंगली सुअर को हिंसक जानवर घोषित करते हुए मारने का नियम बनाया है लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इस नियम का फायदा नहीं उठा पाते हैं। रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि जंगली सुअर को नाप भूमि में मारा जा सकता है। खेतीबाड़ी को नुकसान पहुंचा रहे जंगली सुअर को मारने के लिए लाइसेंसी बंदूक के लाइसेंस की फोटो कॉपी लगाकर आवेदन किया जा सकता है। नाप भूमि में जंगली सुअर को मारने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में शव को नष्ट करने का नियम है। संवाद
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रानीखेत के सिंगोली सहित तमाम इलाकों में तेंदुए की दहशत जारी है। ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति खासा आक्रोश है। हालांकि वन विभाग की टीम नियमित इन क्षेत्रों में गश्त कर रही है, पिंजरे भी लगाए गए हैं।
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द्वाराहाट के विभिन्न क्षेत्रों में तेंदुए का आतंक जारी है। मल्ली मिरई में तेंदुए ने हंसी देवी के गोशाले का दरवाजा तोड़कर बकरी को निवाला बना लिया। ग्रामीणों के शोरगुल मचाने के बाद तेंदुआ वहां से भागने में कामयाब रहा। दिन दहाड़े तेंदुआ घरों और गोशालों में घुस रहा है, जिस कारण ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति भारी आक्रोश है।
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द्वाराहाट में ही देव राम की बकरी को भी तेंदुआ गोठ से उठा ले गया। रात्रि में कुत्ते पर तेंदुए ने हमला बोल दिया। वहां एक छोटी बच्ची भी मौजूद थी, जो हमले में बालबाल बची। इस तरह की घटनाओं से ग्रामीण खासे परेशान हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य रतन कुमार ने रेंजर को ज्ञापन भेजकर इन क्षेत्रों में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र तेंदुए नहीं पकड़े गए तो ग्रामीण वृहद आंदोलन शुरू कर देंगे।
जौलकांडे-बोरगांव में दिनदहाड़े धमक रहे जंगली सुुअर
बागेश्वर। ग्रामीण इलाकों में जंगली सुअर और बंदर खेतीबाड़ी के दुश्मन बन गए हैं। जौलकांडे और बोरगांव में इन दिनों जंगली सुअरों का आतंक बढ़ गया है। दिनदहाड़े सुअरों का झुंड गांव में धमक कर फसल और सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहा है। लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली सुअरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे पांच-छह जंगली सुअर गांव में धमक गए। ग्रामीणों ने सुअरों को आबादी के बीच देखा तो वह दहशत में आ गए। लोगों ने किसी तरह से शोरगुल करके और पटाखे छुड़ाकर उन्हें गांव से खदेड़ा। पूर्व ग्राम प्रधान दर्वान सिंह बिष्ट ने बताया कि गांव में लगातार जंगली सुअरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। खेतों में उग रही फसल और सब्जियों को सुअर नष्ट कर ग्रामीणों की मेहनत में पानी फेर रहे हैं। पहले रात के समय अक्सर सुअर गांव में आते थे, अब दिनदहाड़े की आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। जिसके कारण ग्रामीणों के लिए भी खतरा बढ़ रहा है।
जानकारी के अभाव में नियम का नहीं उठा पा रहे लाभ
बागेश्वर। सरकार ने जंगली सुअर को हिंसक जानवर घोषित करते हुए मारने का नियम बनाया है लेकिन जानकारी के अभाव में लोग इस नियम का फायदा नहीं उठा पाते हैं। रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि जंगली सुअर को नाप भूमि में मारा जा सकता है। खेतीबाड़ी को नुकसान पहुंचा रहे जंगली सुअर को मारने के लिए लाइसेंसी बंदूक के लाइसेंस की फोटो कॉपी लगाकर आवेदन किया जा सकता है। नाप भूमि में जंगली सुअर को मारने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में शव को नष्ट करने का नियम है। संवाद