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लीसा की नीलामी कम दरों पर किए जाने से भड़के लीसा ठेकेदार
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कम दरों पर लीसे की नीलामी किए जाने से लीसा ठेकेदार भड़क उठे हैं। उन्होंने कहा कि दस दिनों के भीतर ही दरों में भारी कमी कर दी गई है, जिससे सरकार के राजस्व को बड़ा नुकसान होने की आशंका है। कहा कि प्रभागीय वनाधिकारी और वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊं वृत्त नैनीताल ने कम दरों पर लीसा नीलाम किया है। 10 दिन पहले 62 सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा गया लीसा अब 5350 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से नीलाम किया जा रहा है।
प्रमुख वन संरक्षक को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वह लोग पिछले कई वर्षों से नाप भूमि में लीसा दोहन का कार्य कर रहे हैं, पिछले चार पांच वर्षों से उन्हें भुगतान भी नहीं किया गया है। आरोप लगाया कि फैक्ट्री स्वामियों के साथ मिलीभगत से लीसे को कम दामों पर बेचा जा रहा है, जिसका उन्हें खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। कम दामों पर लीसा नीलाम किए जाने के पीछे स्टांप शुल्क बढ़ने का हवाला दिया जा रहा है, जबकि यह तथ्यहीन है। इससे लीसा मेटों और वन विभाग को भी नुकसान होगा। मांग उठाई कि नाप भूमि का लीसा उन्हें स्वयं बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने कम दरों पर लीसा बेचने संबंधी मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग भी उठाई। वहां मनोज सिंह रावत, सुंदर सिंह रावत, हेमंत सिंह सनाल, पूरन सिंह, मोहन चंद्र, प्रताप सिंह, विजय सिंह, खीम सिंह बिष्ट, नवीन बिष्ट आदि रहे।
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प्रमुख वन संरक्षक को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वह लोग पिछले कई वर्षों से नाप भूमि में लीसा दोहन का कार्य कर रहे हैं, पिछले चार पांच वर्षों से उन्हें भुगतान भी नहीं किया गया है। आरोप लगाया कि फैक्ट्री स्वामियों के साथ मिलीभगत से लीसे को कम दामों पर बेचा जा रहा है, जिसका उन्हें खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। कम दामों पर लीसा नीलाम किए जाने के पीछे स्टांप शुल्क बढ़ने का हवाला दिया जा रहा है, जबकि यह तथ्यहीन है। इससे लीसा मेटों और वन विभाग को भी नुकसान होगा। मांग उठाई कि नाप भूमि का लीसा उन्हें स्वयं बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने कम दरों पर लीसा बेचने संबंधी मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग भी उठाई। वहां मनोज सिंह रावत, सुंदर सिंह रावत, हेमंत सिंह सनाल, पूरन सिंह, मोहन चंद्र, प्रताप सिंह, विजय सिंह, खीम सिंह बिष्ट, नवीन बिष्ट आदि रहे।
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