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केआरसी के 161 रिक्रूट बने थल सेना के अंग बने
अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत, अल्मोड़ा
Updated Tue, 13 Sep 2016 11:49 PM IST
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161 रिक्रूट बने थल सेना के अंग
- फोटो : अमर उजाला
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ये जिंदगी है कौम की तू कौम पर लुटाए जा’ जैसे गीतों की स्वर लहरियों के बीच केआरसी के 161 रिक्रूट देश की आन-बान-शान की कसम खाकर विधिवत थल सेना के अंग बन गए। धर्म गुरु सूबेदार प्रकाश चंद्र ने गीता को साक्षी मानकर रिक्रूटों को शपथ दिलाई।
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मुख्य अतिथि केआरसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर अतेश चहार ने परेड की सलामी ली। रिक्रूटों को संबोधित करते हुए श्री चहार ने कहा कि देश सेवा से बढ़कर दूसरी और कोई भी सेवा नहीं है। जवानों ने सेना में आने का अच्छा निर्णय लिया है। उन्होंने हर कीमत पर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया।
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इसके लिए सर्वोच्च बलिदान से भी पीछे नहीं हटने की सीख दी। इस दौरान जवानों ने भव्य परेड निकाली। जिसकी मुख्य अतिथि ने सलामी ली। नव प्रशिक्षित जवानों को धर्मगुरु ने गीता और राष्ट्रीय ध्वज को साक्षी मानकर शपथ दिलाई। इस अवसर पर कर्नल नवदीप दहिया, कर्नल नीरज सूद और जीएसओ-1 ले. कर्नल जी राम मोहन सहित तमाम अधिकारी और जवान मौजूद थे। इस दौरान रिक्रूटों के परिजन भी पहुंचे थे। उन्हें कमांडेंट ब्रिगेडियर अतेश चहार ने गौरव मेडल देकर सम्मानित किया।
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