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कालू सैय्यद बाबा की मजार पर सामूहिक चादर चढ़ाने को उमड़ा हुजूम
अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Fri, 19 May 2017 11:27 PM IST
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बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने जाते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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उर्स समारोह की दूसरी रात कव्वालियों की धूम मची रही। रामपुर और नैनीताल से पहुंचे कव्वालों की टीमों ने अली मौला, अली मौला सहित हजरत कालू सैय्यद बाबा की शान में ऐसी कव्वालियां पेश कीं, कि लोग झूमने पर विवश हो गए। इससे पहले देर शाम क्षेत्रवासियों की तरफ से बाबा की मजार पर सामूहिक रूप से चादर चढ़ाई गई। गुलजार मंजिल से कव्वालियां गाते हुए लोग चादर मजार तक लाए।
बाबा की मजार पर मत्था टेकने के लिए सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। गुलजार मंजिल से गाजे बाजे के साथ सामूहिक चादर लाई गई। इस अवसर पर विधायक करन माहरा सहित तमाम नागरिक मौजूद थे। बाबा की जयकारे के साथ लोग चादर लेकर मजार पहुंचे। इसके बाद शुरू हुआ कव्वालियों का दौर। नैनीताल से अब्दुल अजीज पगड़ीबंद और रामपुर से पहुंची गुलफाम सावरी की टीमों ने कव्वालियों के माध्यम से समां बांध दिया। सूफियाना अंदाज में कव्वाली गायन का दौर देर रात तक जारी रहा। इससे पहले बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। मेले में बाहर से आए दुकानदारों ने तमाम तरह की दुकानें सजाई हैं। झूला चरखे को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। खादिम मो. मोहसिन ने समारोह को सफल बनाने की अपील की है।
बाबा की मजार पर मत्था टेकने के लिए सैकड़ों लोग उमड़ पड़े। गुलजार मंजिल से गाजे बाजे के साथ सामूहिक चादर लाई गई। इस अवसर पर विधायक करन माहरा सहित तमाम नागरिक मौजूद थे। बाबा की जयकारे के साथ लोग चादर लेकर मजार पहुंचे। इसके बाद शुरू हुआ कव्वालियों का दौर। नैनीताल से अब्दुल अजीज पगड़ीबंद और रामपुर से पहुंची गुलफाम सावरी की टीमों ने कव्वालियों के माध्यम से समां बांध दिया। सूफियाना अंदाज में कव्वाली गायन का दौर देर रात तक जारी रहा। इससे पहले बाबा की मजार पर चादर चढ़ाने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। मेले में बाहर से आए दुकानदारों ने तमाम तरह की दुकानें सजाई हैं। झूला चरखे को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। खादिम मो. मोहसिन ने समारोह को सफल बनाने की अपील की है।
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