{"_id":"575c4bd54f1c1b507e9c5c34","slug":"jb-pant-insutute-will-be-international","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीबी पंत पर्यावरण संस्थान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मान्यता मिलेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीबी पंत पर्यावरण संस्थान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मान्यता मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 11 Jun 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
वैज्ञानिकों से बातचीत करते जावड़ेकर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रकाश जावड़ेकर ने यहां सर्किट हाउस में जीबी पंत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन इनवायर्नमेंट एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट के वैज्ञानिकों के साथ अलग से बैठक की। उन्होंने बताया कि जीबी पंत इंस्टीट्यूट को हाल ही में उच्चीकृत करके राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनाया गया है। इसे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मान्यता दी जाएगी। उन्होंने संस्थान की पुस्तिका का विमोचन भी किया।
विज्ञापन
बैठक में जावड़ेकर ने संस्थान की गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वैज्ञानिकों से जनता से जुड़े शोध और विकास कार्यों पर जोर देने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिमालय से पहले से ही काफी लगाव रहा है। इसी कारण जीबी पंत स्थान को उच्चीकृत करके हिमालय क्षेत्र में आ रहे परिवर्तन आदि के अध्ययन के लिए 150 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। नेशनल मिशन के अंतर्गत 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है इसमें से 14 प्रस्ताव उत्तराखंड से संबंधित हैं। उन्होंने संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है
विज्ञापन
। बाद में उन्होंने संस्थान द्वारा प्रकाशित की गई पुस्तिका नेशनल मिशन ऑन हिमालयन स्टडीज का विमोचन भी किया। इस दौरान सांसद अजय टम्टा, संस्थान के निदेशक डॉ. पीपी ध्यानी, किरीट कुमार, डॉ. आरसी सुंदरियाल, डॉ. अनिता पांडे सहित तमाम वैज्ञानिक मौजूद थे।
विज्ञापन