{"_id":"63ed187e84240ba48e0141f6","slug":"jail-inmates-are-learning-the-tricks-of-making-decorative-items-almora-news-c-8-1-54628-2023-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"अल्मोड़ा: जेल में कैदी सीख रहे सजावटी सामान बनाने के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अल्मोड़ा: जेल में कैदी सीख रहे सजावटी सामान बनाने के गुर
Wed, 15 Feb 2023 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 15 Feb 2023 11:08 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। महिला आयोग के प्रयासों से जिला कारागार के महिला और पुरुष कैदियों को हुनरमंद बनाने के लिए फूल, पर्स बनाने आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जेल से रिहा होने के बाद कैदी अपने हुनर के जरिए आसानी से अपना जीवन निर्वहन कर सकेंगे।
जिला कारागार में 350 महिला और पुरुष कैदी हैं। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा की पहल पर पहले चरण में कैदियों को फूलों की माला, पर्स बनाने समेत सजावटी सामान बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता उर्मिला मेहरा कैदियों को सजावटी सामान तैयार करने के गुर सिखा रही हैं।
प्रशिक्षण को लेकर कैदी उत्साहित हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बद कैदियों को कच्चा माल उपलब्ध कराया जाएगा। कैदी इससे उत्पाद तैयार करेंगे। कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को विभिन्न संस्थाएं बाजार उपलब्ध कराएंगी। इससे जहां कैदियों को आय होगी वहीं जेल से रिहा होने के बाद कैदी अपने हुनर के जरिए आय अर्जित कर अपना जीवन आसानी से निर्वहन कर सकेंगे।
विज्ञापन
- महिला आयोग उपाध्यक्ष की पहल से जेल में कैदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगे भी प्रशिक्षण चलता रहेगा। - जयंत पांगती, जेल अधीक्षक, अल्मोड़ा जिला कारागार।
- जेल में बंद कैदियों को हुनरमंद बनाने के प्रयासों के तहत उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रिहाई के बाद कैदी मुख्यधारा में शामिल होंगे तो वह इन कार्यों को आय का जरिया बना कर जीवन यापन कर सकेंगे। - ज्योति साह मिश्रा, उपाध्यक्ष, राज्य महिला आयोग।
विज्ञापन
जिला कारागार में 350 महिला और पुरुष कैदी हैं। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा की पहल पर पहले चरण में कैदियों को फूलों की माला, पर्स बनाने समेत सजावटी सामान बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता उर्मिला मेहरा कैदियों को सजावटी सामान तैयार करने के गुर सिखा रही हैं।
विज्ञापन
प्रशिक्षण को लेकर कैदी उत्साहित हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बद कैदियों को कच्चा माल उपलब्ध कराया जाएगा। कैदी इससे उत्पाद तैयार करेंगे। कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को विभिन्न संस्थाएं बाजार उपलब्ध कराएंगी। इससे जहां कैदियों को आय होगी वहीं जेल से रिहा होने के बाद कैदी अपने हुनर के जरिए आय अर्जित कर अपना जीवन आसानी से निर्वहन कर सकेंगे।
विज्ञापन
- महिला आयोग उपाध्यक्ष की पहल से जेल में कैदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगे भी प्रशिक्षण चलता रहेगा। - जयंत पांगती, जेल अधीक्षक, अल्मोड़ा जिला कारागार।
- जेल में बंद कैदियों को हुनरमंद बनाने के प्रयासों के तहत उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रिहाई के बाद कैदी मुख्यधारा में शामिल होंगे तो वह इन कार्यों को आय का जरिया बना कर जीवन यापन कर सकेंगे। - ज्योति साह मिश्रा, उपाध्यक्ष, राज्य महिला आयोग।