{"_id":"6992099f51ff7b2901076917","slug":"jageshwar-dham-resonated-with-the-chants-of-har-har-mahadev-almora-news-c-232-1-alm1014-139902-2026-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: हर हर महादेव के जयघोष से गूंजा जागेश्वर धाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: हर हर महादेव के जयघोष से गूंजा जागेश्वर धाम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जागेश्वर (अल्मोड़ा)। विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा, आस्था और भक्ति के अद्भुत संगम के साथ मनाया गया। इस मौके पर देश भर के कोने-कोने से आए लगभग पांच हजार श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए।
मंदिर परिसर सुबह से लेकर देर साम तक हर हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा। तड़के सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह से देर शाम तक दर्शन-पूजन का क्रम लगातार जारी रहा। मंदिर समिति की जानकारी के अनुसार, इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व पर लगभग पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना में भाग लिया। भक्तों ने विशेष रूप से रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, नवग्रह पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। मंदिर में पूरे दिन लगभग 140 से अधिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। महाशिवरात्रि की पावन रात्रि में गर्भगृह में महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज के सानिध्य में 11 पुजारियों ने भगवान शिव को महाभोग अर्पित किया। भोलेनाथ के 1008 नामों से महा रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। यजमान पूर्व पुजारी प्रतिनिधि नवीन चंद्र भट्ट की ओर से पूजन सामग्री की समुचित व्यवस्था की गई।
देर रात तक भजन-कीर्तन रहे जारी
भक्तों ने बेलपत्र, दूध, दही, घृत और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया। देर रात तक भजन और कीर्तन जारी रहे। मंदिर का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिकता से भरा रहा। प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य कैंप लगाया गया था। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की भी समुचित व्यवस्था की गई थी। जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति की कार्यवाहक प्रबंधक तहसीलदार बरखा जलाल ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व बड़े ही श्रद्धा और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
विज्ञापन
मंदिर परिसर सुबह से लेकर देर साम तक हर हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा। तड़के सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह से देर शाम तक दर्शन-पूजन का क्रम लगातार जारी रहा। मंदिर समिति की जानकारी के अनुसार, इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व पर लगभग पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना में भाग लिया। भक्तों ने विशेष रूप से रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, नवग्रह पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। मंदिर में पूरे दिन लगभग 140 से अधिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। महाशिवरात्रि की पावन रात्रि में गर्भगृह में महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज के सानिध्य में 11 पुजारियों ने भगवान शिव को महाभोग अर्पित किया। भोलेनाथ के 1008 नामों से महा रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। यजमान पूर्व पुजारी प्रतिनिधि नवीन चंद्र भट्ट की ओर से पूजन सामग्री की समुचित व्यवस्था की गई।
विज्ञापन
देर रात तक भजन-कीर्तन रहे जारी
भक्तों ने बेलपत्र, दूध, दही, घृत और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया। देर रात तक भजन और कीर्तन जारी रहे। मंदिर का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिकता से भरा रहा। प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य कैंप लगाया गया था। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की भी समुचित व्यवस्था की गई थी। जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति की कार्यवाहक प्रबंधक तहसीलदार बरखा जलाल ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व बड़े ही श्रद्धा और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
विज्ञापन