जगदीश हत्याकांड: पनुवाद्योखन गांव से जुड़े कई खुलासे चौंका रहे, पुलिस अधिकारी भी सीधे तौर पर नहीं दे रहे जवाब
सवर्ण जाति की गीता से विवाह करने पर पिछले पनुवाद्योखन गांव निवासी जगदीश चंद्र को युवती के परिजनों ने बेरहमी से पीट दिया था। इससे जगदीश की मौत हो गई थी। गांव में अधिकारियों के जाने का भी सिलसिला जारी है।
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पनुवाद्योखन गांव के जगदीश चंद्र की हत्या कई सवाल खड़े कर रही है। पनुवाद्योखन गांव को पुलिस ने गोद लिया था। सड़क किनारे लगे बोर्ड भी यह तस्दीक कर रहे हैं। इसका मतलब यह हुआ कि पूरे गांव की सुरक्षा का जिम्मा पुलिस के हवाले है। हालांकि पुलिस अब कह रही है कि अभिलेख देखकर बताते हैं कि इस गांव को कब और क्यों गोद लिया गया था।
सवर्ण जाति की गीता से विवाह करने पर पिछले पनुवाद्योखन गांव निवासी जगदीश चंद्र को युवती के परिजनों ने बेरहमी से पीट दिया था। इससे जगदीश की मौत हो गई थी। गांव में अधिकारियों के जाने का भी सिलसिला जारी है। इस गांव को जाने वाली सड़क किनारे बोर्ड लगाया गया है।
इसमें लिखा गया है पनुवाद्योखन गांव को पुलिस ने गोद लिया है। हालांकि पुलिस के अधिकारी गांव को गोद लेने न लेने पर सीधे तौर पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। थानाध्यक्ष संजय पाठक ने बताया कि बोर्ड तो लगा है। मैं अभी यहां नया हूं। अभिलेख देखकर ही कुछ कहा जा सकता है।
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फिलहाल मेरे पास कोई अभिलेख नहीं है। मातहत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पनुवाद्योखन गांव को कब गोद लिया गया और किस आधार पर लिया गया था। थानाध्यक्ष ने भी अभी अभिलेख देखने के बाद ही कोई इस पर जानकारी देने की बात कही है। फिलहाल पनुवाद्योखन हत्याकांड से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। -तिलक राम वर्मा, सीओ, रानीखेत।