पौधरोपण मेें रिकार्ड स्थापित करना गौरव की बात : रावत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोसी पुनर्जनन अभियान की समीक्षा करने सोमेश्वर पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोसी कैचमेंट एरिया में हुए पौधरोपण ने रिकार्ड स्थापित कर लिम्का बुक में प्रविष्टि दर्ज कर दी है, जो गौरव की बात है। इस दौरान उन्होंने जीआईएस के माध्यम से कार्य की समीक्षा करते हुए कोसी कैचमेंट एरिया में सफाई का विशेष ध्यान देने और कोसी के उद्गम स्थल में जहां पौधरोपण किया गया है वहां पर चेकडैम निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने अगले साल हरेला पर्व में धार पानी क्षेत्र में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम चलाने की भी बात कही।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सूपाकोट में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कोसी कैचमेंट एरिया के अंतर्गत चाल-खाल, खंती, टैंक आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की और नेपियर घास रोपण के लिए कहा। उन्होंने बच्चों को पौधरोपण क्षेत्र का भ्रमण कराने और उन्हें पौधरोपण के लिए प्रेरित करने और धार पानी धार क्षेत्र में बांज, बेडू, जामुन समेत अन्य पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान देने को कहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रो. जेएस रावत द्वारा कोसी पुनर्जनन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य को सराहनीय बताया। उन्होंने अभियान में जीबी पंत हिमालयन पर्यावरण संस्थान तथा विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान का भी सहयोग लेने पर जोर दिया। एनआरडीएमएस के प्रो. जीएस रावत ने बताया कि सभी कार्यों का जीआईएस के माध्यम से टैगिंग कार्य किया जा रहा है ।
मुख्यमंत्री के साथ पहुंचे हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उत्तराखंड में नदियों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे कार्यों की सराहना की और हिमाचल सरकार की ओर से भी मदद की बात कही। इससे पूर्व जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कोसी पुनर्जनन अभियान के बारे में पावर प्वाइंट के माध्यम से जानकारी दी। बैठक में बाल विकास मंत्री रेखा आर्या, हिमाचल के मुख्यमंत्री की पत्नी डॉ. साधना ठाकुर, रोहित सावल, अभय सिंह रावत, हिमाचल के अपर मुख्य सचिव श्रीकांत बालदेव, एसएसपी पी रेणुका देवी, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत हिमांशु खुराना, एडीएम केएस टोलिया, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा सुरेश जोशी, जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह पिलख्वाल, रवि रौतेला समेत अधिकारी मौजूद थे।