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साइबर अपराध करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:01 PM IST
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अल्मोड़ा में पुलिस दल के साथ पकड़ा गया एटीएम धोखाधड़ी का आरोपी।
- फोटो : Amar ujala
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एटीएम क्लोनिंग कर शहर के दो लोगों के बैंक खाते से 2.26 लाख रुपये उड़ाने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया है। पुलिस की एसओजी टीम ने इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के थाना मनकापुर, ग्राम जोगापुर से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के मास्टर माउंड दो आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार और 1500 रुपये भी बरामद किए हैं।
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मालूम हो कि गत 31 अक्तूबर को साइबर अपराधियों ने पांडेखोला निवासी किरन साह के एसबीआई खाते से 1.83 लाख रुपये निकाल लिए थे। दूसरे मामले में बदमाशों ने लोअर मालरोड निवासी जगदीश चंद्र के पीएनबी खाते से 43 हजार रुपये की रकम उड़ा ली थी। आरोपियों ने दो बार ऑनलाइन शापिंग भी की थी। किरन साह की तहरीर पर पुलिस ने धारा 420 और 66/66 (सी) आईटी एक्ट में मामला पंजीकृत किया था। पुलिस की साइबर सेल ने विवेचना में सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर इस गैंग की लोकेशन उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में मिली।
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पुलिस की एसओजी टीम तीन दिन पहले उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले पहुंची और वहां के थाने मनकापुर के ग्राम जोगापुर, पोस्ट झिलासी निवासी राहुल त्रिपाठी (34) पुत्र चंद्र प्रकाश त्रिपाठी को गिरफ्तार कर रविवार को अल्मोड़ा ले आई। पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसके गैंग में गोंडा निवासी नवनीत शुक्ला और शरद मिश्रा भी शामिल हैं। स्कीमिंग डिवाइस भी फरार आरोपियों के पास ही है। आरोपी राहुल ने बताया कि उनका गैंग स्कीमिंग डिवाइस के माध्यम से एटीएम कार्ड की क्लोनिंग तैयार कर लोगों के बैंक खातेे से पैसा निकालता है। पुलिस ने आरोपी से घटना के दौरान प्रयोग में लाई गई बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार और 1500 रुपये भी बरामद किए हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने वाले दल में पुलिस निरीक्षक हरेंद्र चौधरी, आरक्षी त्रिलोक सिंह, संदीप सिंह, दिनेश नगरकोटी, हेमंत कुमार, दीपक खनका शामिल थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी ने एसओजी टीम को 2500 रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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स्कीमिंग डिवाइस से एटीएम का क्लोन बनाता है गिरोह
अल्मोड़ा। इस गिरोह के सदस्य एटीएम के भीतर अथवा बाहर से खड़े होकर लोगों से उनकी मदद का आग्रह करते हैं। इन लोगों के पास स्कीमिंग डिवाइस रहता है। गिरोह के सदस्य मदद के बहाने व्यक्ति के एटीएम को स्कीमिंग डिवाइस में स्वाइप कर एटीएम का पूरा डाटा कापी कर लेते हैं और इसके बाद अपने एटीएम में इस डाटा को कापी करते हैं। साथ ही एटीएम में पैसा निकालने वाले उस व्यक्ति के कोड को भी नोट कर लेते हैं। एसएसपी पी रेणुका देवी ने बताया कि इस गैंग ने बिना नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार से उत्तराखंड के सितारगंज, खटीमा, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोडा आकर एटीएम कार्ड की क्लोनिंग का प्रयास किया।
एसएसपी ने बताया कि जब अल्मोड़ा में धोखाधड़ी का शिकार हुए व्यक्तियों से एटीएम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को देने के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने इनकार कर दिया, जब एसबीआई और पीएनबी के सीसीटीवी फुटेज देखे गए तो दोनों मामलों में आरोपी उनकी मदद कर रहा था। आरोपियों ने दोनों लोगों के बैंक खाते से दिल्ली में पैसा निकाला और दो बार ऑनलाइन शॉपिंग का भुगतान किया।
अन्य राज्यों में भी सक्रिय है यह गिरोह : एसएसपी
अल्मोड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि एटीएम धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के तीनों सदस्यों पर 2015 में धोखाधड़ी के मामले गोंडा के थाना मनकापुर में मामला पंजीकृत है और यह तीनों जमानत पर हैं। एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गोंडा पुलिस से आरोपियों की बेल स्थगित करने का आग्रह किया जाएगा, ताकि फरार दोनों आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सके। एसएसपी ने बताया कि बिना नंबर की कार से इस गिरोह के सदस्य अन्य राज्यों जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली में भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है। कार को सीज कर दिया गया है।
पकड़ा गया आरोपी है दसवीं फेल
अल्मोड़ा। साइबर अपराध कर एटीएम के जरिए लोगों के खातों से पैसा निकालने वाले गिरोह का पकड़ा गया सदस्य राहुल त्रिपाठी दसवीं फेल है। फरार चल रहे उसके साथी नवनीत शुक्ला स्नाकोत्तर और शरद मिश्रा स्नातक है।