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अवैध कब्जा कर निर्माण शुरू होने से ग्रामीण गुस्से में
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 01 Oct 2015 10:22 PM IST
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तहसील अंतर्गत सुदूरवर्ती डीडा द्वारसौं क्षेत्र के अंतर्गत नानीसार वन पंचायत में जबरन कब्जा कर वहां निर्माण कार्य शुरू कराने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणकर्ता ने ग्रामीणों को विश्वास में लिए बगैर भूमि पर अवैध निर्माण शुरू किया है। यह भूमि वन पंचायत के अंतर्गत आती है। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
नानीसार राजस्व ग्राम के अंतर्गत आता है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक संस्था के लोगों ने ग्रामीणों से बगैर सलाह मशविरा के पहले वन पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जा किया और अब उसमें निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। वह क्षेत्र डीडा द्वारसों की नाप और बेनाप भूमि है और ग्रामीणों का चारागाह है। संस्था इस भूमि पर अनाधिकृत कब्जा कर रही है। जबकि यहां वन पंचायत भी गठित है। ग्रामीणों ने यहां एसडीएम एपी बाजपेयी को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य रोकने, उक्त भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। कहा कि यदि शीघ्र भूमि कब्जा मुक्त नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में गणेश सिंह राणा, भूपाल राणा, दीवान सिंह, दया देवी राणा, देवकी राणा, मोहन सिंह, हयात सिंह, हीरा राणा, रीता अधिकारी, राम सिंह, रेखा, डीएस अधिकारी, पप्पू सिंह, अनोप सिंह, शेर सिंह राणा, तुलसी देवी राणा, गोविंदी देवी, राजेंद सिंह, प्रेमा देवी, रामेश्वरी देवी, आनंद सिंह सहित तमाम ग्रामीण शामिल थे।
नानीसार राजस्व ग्राम के अंतर्गत आता है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक संस्था के लोगों ने ग्रामीणों से बगैर सलाह मशविरा के पहले वन पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जा किया और अब उसमें निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। वह क्षेत्र डीडा द्वारसों की नाप और बेनाप भूमि है और ग्रामीणों का चारागाह है। संस्था इस भूमि पर अनाधिकृत कब्जा कर रही है। जबकि यहां वन पंचायत भी गठित है। ग्रामीणों ने यहां एसडीएम एपी बाजपेयी को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य रोकने, उक्त भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। कहा कि यदि शीघ्र भूमि कब्जा मुक्त नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में गणेश सिंह राणा, भूपाल राणा, दीवान सिंह, दया देवी राणा, देवकी राणा, मोहन सिंह, हयात सिंह, हीरा राणा, रीता अधिकारी, राम सिंह, रेखा, डीएस अधिकारी, पप्पू सिंह, अनोप सिंह, शेर सिंह राणा, तुलसी देवी राणा, गोविंदी देवी, राजेंद सिंह, प्रेमा देवी, रामेश्वरी देवी, आनंद सिंह सहित तमाम ग्रामीण शामिल थे।
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