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Almora News: स्क्रीन टाइम बढ़ा रहा आंखों में ड्राइनेस की समस्या
Fri, 11 Oct 2024 02:51 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 11 Oct 2024 02:51 AM IST
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बागेश्वर। मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप के साथ वीडियो गेम के अधिक प्रयोग से आंखों की नमी कम हो रही है। जिला अस्पताल में महीने में 10-15 लोग ड्राइनेस की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इसके चलते लोगों को आंखों में खुजली, जलन, सूजन, एलर्जी और लालिमा की समस्या हो रही है।
मनुष्य के आंसू कॉर्निया में नमी बनाने के साथ पारदर्शिता बनाने में सहायक होते हैं। ड्राइनेस की समस्या से जूझ रहे लोगों की आंखों में नमी की कमी हो रही है। नेत्र सर्जन डॉ. कल्पना पांडेय ने बताया कि आंखों में ड्राइनेस की समस्या का मुख्य कारण पलकों की झपकने की दर कम हो जाना है।
मोबाइल, लैपटॉप या अन्य उपकरणों का प्रयोग करते समय लोग पलकें कम झपकाते हैं। अमूमन एक मिनट में व्यक्ति को 14 बार पलकें झपकानी होती हैं। स्क्रीन से निकलने वाली किरणें भी आंखों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने बताया कि दफ्तरों में कंप्यूटर इस्तेमाल करने वाले लोगों को ड्राइनेस की समस्या अधिक होती है। इससे बचने के लिए स्क्रीन को सामने रखने की बजाय नीचे रखना चाहिए जिससे आंखाें और स्क्रीन में निचला कोण बने। हर दो घंटे बाद दस मिनट का रेस्ट लें। आंखों में नमी बनाने के लिए लोग कृत्रिम आंसू का प्रयोग का प्रयोग कर सकते हैं।
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बचाव के तरीके
- पलकों को समय-समय पर झपकाएं
- स्क्रीन का प्रयोग करते समय कंप्यूटर ग्लास पहनें
-स्क्रीन की रोशनी आंखों में कम जाने दें
-चिकित्सक के सुझाव से कृत्रिम आंसू का प्रयोग करें
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मनुष्य के आंसू कॉर्निया में नमी बनाने के साथ पारदर्शिता बनाने में सहायक होते हैं। ड्राइनेस की समस्या से जूझ रहे लोगों की आंखों में नमी की कमी हो रही है। नेत्र सर्जन डॉ. कल्पना पांडेय ने बताया कि आंखों में ड्राइनेस की समस्या का मुख्य कारण पलकों की झपकने की दर कम हो जाना है।
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मोबाइल, लैपटॉप या अन्य उपकरणों का प्रयोग करते समय लोग पलकें कम झपकाते हैं। अमूमन एक मिनट में व्यक्ति को 14 बार पलकें झपकानी होती हैं। स्क्रीन से निकलने वाली किरणें भी आंखों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने बताया कि दफ्तरों में कंप्यूटर इस्तेमाल करने वाले लोगों को ड्राइनेस की समस्या अधिक होती है। इससे बचने के लिए स्क्रीन को सामने रखने की बजाय नीचे रखना चाहिए जिससे आंखाें और स्क्रीन में निचला कोण बने। हर दो घंटे बाद दस मिनट का रेस्ट लें। आंखों में नमी बनाने के लिए लोग कृत्रिम आंसू का प्रयोग का प्रयोग कर सकते हैं।
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बचाव के तरीके
- पलकों को समय-समय पर झपकाएं
- स्क्रीन का प्रयोग करते समय कंप्यूटर ग्लास पहनें
-स्क्रीन की रोशनी आंखों में कम जाने दें
-चिकित्सक के सुझाव से कृत्रिम आंसू का प्रयोग करें