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जल जीवन मिशन में 38 फीसदी लोगों को भी मिले अब तक कनेक्शन
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अल्मोड़ा। जल जीवन मिशन के तहत जिले में 1.31 लाख से अधिक वंचित परिवारों को पेयजल कनेक्शन देने के लिए चिन्हित किया गया था। पिछले दो साल में अब तक 49385 परिवारों को ही पेयजल कनेक्शन मिल सके हैं, जबकि 81853 परिवार अब भी कनेक्शन से वंचित हैं। ऐसे में मार्च 2022 तक सभी परिवारों को पेयजल कनेक्शन से आच्छादित करना संभव नहीं लग रहा है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में कई गांवों में सालभर पेयजल संकट रहता है। खासकर धौलादेवी, हवालबाग, लमगड़ा, सल्ट, भिकियासैंण, स्याल्दे, द्वाराहाट विकासखंडों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित गांवो के लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। कई स्थानों पर एक से डेढ़ किमी खड़ी चड़ाई पार कर म हिलाएं सिर पर पानी ढोने को मजबूर होती हैं। एक बार में वह अधिकत पंद्रह लीटर तक ही पानी ला पाती हैं। जिससे उनका अधिकाश समय पेयजल की व्यवस्था करने में बरबाद होता है।
जल जीवन मिशन के तहत की गई सर्वे में जिले के 2139 राजस्व गांवों में 1,31,238 पेयजल कनेक्शन विहीन प रिवारों को चिन्हित किया गया था। सरकार ने वंचित परिवारों को पानी के कनेक्शन से आच्छादित करने के लिए पेयजल निगम निर्माण शाखा, पेयजल निगम यांत्रिक शाखा और जल संस्थान को जिम्मेदारी सौंपी है। जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2019 में पेयजल कनेक्शन देने का कार्य शुरू हुआ। सरकार का लक्ष्य मार्च 2022 तक सभी घरों में कनेक्शन देकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध करने का लक्ष्य रखा है। जिले में अब तक 49385 परिवारों को ही पेयजल कनेक्शन से आच्छादित हो पाए हैं, जबकि अब भी 81853 परिवार पेयजल कनेक्शन से विहीन चल रहे हैं। केंद्र सराकर का लक्ष्य मार्च 2022 तक सभी परिवारों को पेयजल कनेक्शन से आच्छादित करने का है, लेकिन इस स्थिति में निर्धारित समय पर वंचित परिवारों को कनेक्शन दे पाना संभव नहीं लग रहा है।
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पूर्व में कोविड के कारण मिशन के तहत कार्यों पर असर पड़ा। जल स्रोतों के संवर्धन के साथ ही वंचित परिवारों को पेयजल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। मिशन के तहत 18 नई पेयजल योजनाएं बनाने के आंगणन भी तैयार किए जा रहे हैं। जल्द से जल्द मिशन का कार्य पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रवीण कुमार राय साहब, ईई, नोडल अधिकारी जल जीवन मिशन।
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जिले के ग्रामीण इलाकों में कई गांवों में सालभर पेयजल संकट रहता है। खासकर धौलादेवी, हवालबाग, लमगड़ा, सल्ट, भिकियासैंण, स्याल्दे, द्वाराहाट विकासखंडों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित गांवो के लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। कई स्थानों पर एक से डेढ़ किमी खड़ी चड़ाई पार कर म हिलाएं सिर पर पानी ढोने को मजबूर होती हैं। एक बार में वह अधिकत पंद्रह लीटर तक ही पानी ला पाती हैं। जिससे उनका अधिकाश समय पेयजल की व्यवस्था करने में बरबाद होता है।
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जल जीवन मिशन के तहत की गई सर्वे में जिले के 2139 राजस्व गांवों में 1,31,238 पेयजल कनेक्शन विहीन प रिवारों को चिन्हित किया गया था। सरकार ने वंचित परिवारों को पानी के कनेक्शन से आच्छादित करने के लिए पेयजल निगम निर्माण शाखा, पेयजल निगम यांत्रिक शाखा और जल संस्थान को जिम्मेदारी सौंपी है। जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2019 में पेयजल कनेक्शन देने का कार्य शुरू हुआ। सरकार का लक्ष्य मार्च 2022 तक सभी घरों में कनेक्शन देकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध करने का लक्ष्य रखा है। जिले में अब तक 49385 परिवारों को ही पेयजल कनेक्शन से आच्छादित हो पाए हैं, जबकि अब भी 81853 परिवार पेयजल कनेक्शन से विहीन चल रहे हैं। केंद्र सराकर का लक्ष्य मार्च 2022 तक सभी परिवारों को पेयजल कनेक्शन से आच्छादित करने का है, लेकिन इस स्थिति में निर्धारित समय पर वंचित परिवारों को कनेक्शन दे पाना संभव नहीं लग रहा है।
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पूर्व में कोविड के कारण मिशन के तहत कार्यों पर असर पड़ा। जल स्रोतों के संवर्धन के साथ ही वंचित परिवारों को पेयजल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। मिशन के तहत 18 नई पेयजल योजनाएं बनाने के आंगणन भी तैयार किए जा रहे हैं। जल्द से जल्द मिशन का कार्य पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रवीण कुमार राय साहब, ईई, नोडल अधिकारी जल जीवन मिशन।