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एसएसबी मुख्यालय में ह्यूमन और चाइल्ड ट्रेफिकिंग कार्यशाला

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 05:48 PM IST
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'Human trafficking forcible exploitation too'
अल्मोड़ा। चाइल्ड हेल्पलाइन सब सेंटर सल्ट ने एनटीडी स्थित एसएसबी मुख्यालय में ह्यूमन और चाइल्ड ट्रेफिकिंग पर कार्यशाला आयोजित की। मुख्य वक्ता आशा डिसूजा ने कहा कि व्यक्तिगत लाभ के लिए जबरन काम पर लगाकर शोषण करना और महिलाओं, बच्चों से गलत कार्य करवाना भी ह्यूमन ट्रेफिकिंग (मानव तस्करी) की श्रेणी में आता है।
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उन्होंने कहा कि मानव तस्करी दुनिया के लगभग सभी देशों में प्रचलित है। जो कि मानव व्यापार और अवैध परिवहन की श्रेणी में आता है। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर मानव तस्करी को रोकने के लिए कई कानून बने हुए हैं। भारत-नेपाल के बीच मुक्त आवागमन और गरीबी की वजह से मानव तस्करी की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं। इन पर अंकुश लगाए जाने की जरूरत है।
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एसएसबी के डीआईजी अनुज थपलियाल ने कहा कि बॉर्डर में मानव तस्करी की पहचान कर पाना बहुत मुश्किल है। कई बहाने बनाकर लोगों को बॉर्डर क्रॉस कराने की कोशिश की जाती है। जिनमें अधिकतर बच्चे और महिलाएं होती हैं। एडीआईजी शैलेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि कई स्थानों पर मानव तस्कर नए-नए बहाने लेकर बॉर्डर क्रॉस करने की कोशिश करते हैं।
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सब सेंटर के निदेशक दीप चंद्र बिष्ट ने चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी। असिस्टेंट कमांडेंट सागर जोशी ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में एसएसबी के पचास से अधिक कार्मियों ने भाग लिया। इस मौके पर चाइल्ड हेल्पलाइन सब सेंटर की अनीता लोहानी, कैलाश रौतेला, बंशीधर पांडे शांति उप्रेती आदि मौजूद थे।
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