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जल कैसे भरूं जमुना गहरी...
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 24 Feb 2017 10:31 PM IST
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होली पर्व नजदीक आते ही क्षेत्र में बैठकी होली का दौर शुरू हो गया। इन दिनों जगह-जगह बैठकी होली की महफिलें सज रही हैं। सुदूरवर्ती मनान, पड़ोलिया सहित आसपास के गांवों में हर शाम होली गायन का दौर चल रहा है।
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शुक्रवार को मनान के प्रसिद्ध भोलेश्वर महादेव मंदिर में भी बैठकी होली हुई। होल्यारों ने सबसे पहले भगवान शंकर की स्तुति गाई, इसके बाद जल कैसे भरूं जमुना गहरी जैसी होलियां प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इस मौके पर शास्त्रीय रागों पर आधारित होलियां भी गाई गई। इससे पहले पड़ोलिया गांव में भैरव जोशी के आवास पर भी बैठकी होली की महफिल सजी। जिसमें होल्यारों ने नवल बसंत सखी ऋतुराज कहायो, गोरी के नैनन में श्याम बसत हैं, जैसी होलियां गाकर खूब वाह वाही लूटी।
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वरिष्ठ रंगकर्मी उमाकांत जोशी ने बताया कि क्षेत्र में हर साल नियमित रूप से बैठकी होली का आयोजन होता है। देर रात तक लोगों के घरों में होली गायन होता है। विभिन्न रागों पर आधारित होलियों का गायन किया जाता है। बुजुर्गों के साथ साथ युवाओं का इस कार्यक्रम में भारी सहयोग रहता है। उन्होंने बताया कि यह अच्छी परंपरा है, इससे युवाओं को सीख मिलेगी और आने वाली पीढ़ी भी इस परंपरा को संजोए रखेंगी। होली गायन में उमाकांत जोशी के अलावा घनश्याम जोशी, बंशीधर छिमवाल, मोहन पांडे, भैरव जोशी सहित कई होली गायक मौजूद रहे।
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