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Almora News: साप्ताहिक बंदी के बाद खुले अस्पताल, दो चिकित्सकों के अवकाश में रहने से मरीज परेशान
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अल्मोड़ा। साप्ताहिक अवकाश के बाद खुले अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ी। दो चिकित्सकों के अवकाश पर रहने से मरीजों को उपचार के लिए परेशानी हुई। ठंड में मरीजों को पांच किमी दूर दूसरे अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े।
सोमवार को खुले जिला अस्पताल में 610 ओपीडी रही। ताकुला, लमगड़ा, सोमेश्वर, भैंसियाछाना, धौलादेवी, बाड़ेछीना समेत विभिन्न इलाकों से मरीज सुबह से ही उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने लगे थे। दवा वितरण कक्ष, पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टर कक्ष तक मरीजों की कतार रही। भीड़ के चलते मरीजों को चिकित्सक को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। मौैसम में बदलाव के चलते सर्दी जुकाम, लीवर संक्रमण, कमर दर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इधर, नेत्र सर्जन और फिजिशियन के अवकाश पर रहने के कारण मरीजों को दिक्कतें हुईं। उन्हें उपचार के लिए पांच किमी दूर मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित बेस अस्पताल और निजी अस्पतालों में जाना पड़ा। इधर, पीएमएस डॉ. एचसी गड़कोटी ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ठंड से बचाव करें और गर्म कपड़े पहनें।
केस 01
जमाड से संतोष दत्त आंख दिखाने आए थे लेकिन डॉक्टर के अवकाश पर रहने से उन्हें दूसरे अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े। इससे उनका काफी समय बर्बाद हो गया।
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केस 02
जैंती क्षेत्र के हरेंद्र सिंह को दो दिनों से बुखार आ रहा है। वह उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन डॉक्टर के अवकाश पर रहने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। निजी अस्पताल में उपचार कराने में उनकी जेब ढीली हुई।
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सोमवार को खुले जिला अस्पताल में 610 ओपीडी रही। ताकुला, लमगड़ा, सोमेश्वर, भैंसियाछाना, धौलादेवी, बाड़ेछीना समेत विभिन्न इलाकों से मरीज सुबह से ही उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने लगे थे। दवा वितरण कक्ष, पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टर कक्ष तक मरीजों की कतार रही। भीड़ के चलते मरीजों को चिकित्सक को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। मौैसम में बदलाव के चलते सर्दी जुकाम, लीवर संक्रमण, कमर दर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इधर, नेत्र सर्जन और फिजिशियन के अवकाश पर रहने के कारण मरीजों को दिक्कतें हुईं। उन्हें उपचार के लिए पांच किमी दूर मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित बेस अस्पताल और निजी अस्पतालों में जाना पड़ा। इधर, पीएमएस डॉ. एचसी गड़कोटी ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ठंड से बचाव करें और गर्म कपड़े पहनें।
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केस 01
जमाड से संतोष दत्त आंख दिखाने आए थे लेकिन डॉक्टर के अवकाश पर रहने से उन्हें दूसरे अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े। इससे उनका काफी समय बर्बाद हो गया।
केस 02
जैंती क्षेत्र के हरेंद्र सिंह को दो दिनों से बुखार आ रहा है। वह उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन डॉक्टर के अवकाश पर रहने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। निजी अस्पताल में उपचार कराने में उनकी जेब ढीली हुई।
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