फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Hollow claims for connecting villages with roads

गांवों को सड़कों से जोड़ने के दावे खोखले

Sun, 30 Jul 2017 10:26 PM IST
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 30 Jul 2017 10:26 PM IST
विज्ञापन
 Hollow claims for connecting villages with roads
इस हालत में है मासी-गैरखेत-सराईखेत सड़क। - फोटो : अमर उजाला

रानीखेत (अल्मोड़ा)। मासी-गैरखेत-सराईखेत मोटर मार्ग गांव-गांव को सड़कों से जोड़ने के दावों की पोल खोल रहा है। स्वीकृत 36 किमी सड़क का निर्माण कार्य 27 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। साढ़े तीन किमी सड़क बननी अभी बाकी है। 15 किमी हिस्से में डामरीकरण हुआ है। शेष हिस्से में डामरीकरण को लेकर ग्रामीण शासन-प्रशासन के दरवाजे खटखटा चुके हैं, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। कच्ची सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। ग्रामीण मीलों पैदल चलकर रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने को विवश हैं।

विज्ञापन


मासी, गैरखेत, कलझीपा जोशी, चांच, क्वैराली, कैहड़गांव, तामाढौन, सगुनखेत, चिंडखंडा, बसई, वल्मरा, जनरखाणी, सीमगांव, कमेटपानी सहित लगभग एक दर्जन गांवों को स्याल्दे मुख्य बाजार जोड़ने के लिए 1989 में मासी-गैरखेत-सराईखेत (36 किमी) मोटर मार्ग को स्वीकृति मिली। वन भूमि आड़े आने के कारण एक दशक से भी अधिक समय तक मार्ग में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने बताया कि 2004-05 में लोनिवि ने मार्ग का निर्माण कार्य शुरू कराया, लेकिन यह सड़क अभी तक सराईखेत नहीं पहुंच सकी है।
विज्ञापन


बताया गया है कि साढ़े तीन किमी रोड कटनी अभी बाकी है। ग्रामीणों के तमाम प्रयासों के बाद मासी से गैरखेत लगभग 15 किमी मार्ग में ही डामरीकरण हो सका है। बाकी का हिस्सा आज भी डामरीकरण की बाट जोह रहा है। सड़क कच्ची होने के कारण आए दिन क्षतिग्रस्त रहती है। जगह जगह, कल्वर्ट क्षतिग्रस्त हैं, सुरक्षा दीवारें ढह गई हैं। जिनमें वाहनों का चलना दूभर हो रहा है। लोग मीलों पैदल चलकर जरूरी सामग्री खरीदने के लिए देघाट अथवा स्याल्दे पहुंचते हैं। प्रधान हरीश नैनवाल, संतोष पाल, मालती गिरि, त्रिलोक सिंह, गोपाल राम आदि ने सड़क की दुर्दशा पर नाराजगी जताई है। कहा कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी इस संबंध में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। शीघ्र सड़क की हालत नहीं सुधरी तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed