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Almora News: जर्जर भवन के नीचे पढ़ाई करने पर मजबूर बच्चे
Mon, 29 May 2023 11:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 29 May 2023 11:43 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय के नजदीकी विकासखंड हवालबाग के जीआईसी कमलेश्वर का भवन जर्जर हालत में है। भवन की दीवारों और छत पर दरारें पड़ चुकी हैं। स्कूल के 200 विद्यार्थी यहां खतरों के बीच पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। विभाग की ओर से इस भवन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव भी शासन में भेजा जा चुका है लेकिन अब तक भवन का ध्वस्तीकरण नहीं किया गया है।
वर्ष 1960 में जीआईसी कमलेश्वर का भवन बनाया गया था। तब से इसी भवन में स्कूल संचालित हो रहा है। भवन की मरम्मत नहीं होने से यह वर्तमान में पूरी तरह जर्जर हो गया है। दीवारों और छत पर दरारें पड़ चुकी हैं। हल्की बारिश में भी छत से पानी टपककर कक्षों में घुस जाता है। यह भवन कभी भी भरभराकर गिर सकता है।
हालांकि विभाग की ओर से इस भवन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव शासन में भेजा जा चुका है लेकिन इस प्रस्ताव को अब तक स्वीकृति नहीं मिली है जिस कारण इस जर्जर भवन के नीचे ही 200 विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है।
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मानसूनकाल नजदीक होने से अभिभावकों भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। उन्होंने भविष्य में होने वाली अनहोनी से बचने के लिए भवन को जल्द ध्वस्त कर नया भवन बनाने की मांग की है।
शिक्षकों की कमी भी पड़ रही भारी
अल्मोड़ा। जीआईसी कमलेश्वर में शिक्षकों की कमी भी विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। यहां हिंदी, भूगोल के प्रवक्ता का पद रिक्त है। तीन साल से यहां प्रधानाचार्य की तैनाती नहीं हो सकी है। संवाद
विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इसे ध्वस्त कर नया भवन बनाया जाएगा। शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना भी निदेशालय को दी गई है। -प्रकाश सिंह जंगपांगी, खंड शिक्षाधिकारी, हवालबाग।
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वर्ष 1960 में जीआईसी कमलेश्वर का भवन बनाया गया था। तब से इसी भवन में स्कूल संचालित हो रहा है। भवन की मरम्मत नहीं होने से यह वर्तमान में पूरी तरह जर्जर हो गया है। दीवारों और छत पर दरारें पड़ चुकी हैं। हल्की बारिश में भी छत से पानी टपककर कक्षों में घुस जाता है। यह भवन कभी भी भरभराकर गिर सकता है।
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हालांकि विभाग की ओर से इस भवन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव शासन में भेजा जा चुका है लेकिन इस प्रस्ताव को अब तक स्वीकृति नहीं मिली है जिस कारण इस जर्जर भवन के नीचे ही 200 विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है।
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मानसूनकाल नजदीक होने से अभिभावकों भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। उन्होंने भविष्य में होने वाली अनहोनी से बचने के लिए भवन को जल्द ध्वस्त कर नया भवन बनाने की मांग की है।
शिक्षकों की कमी भी पड़ रही भारी
अल्मोड़ा। जीआईसी कमलेश्वर में शिक्षकों की कमी भी विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। यहां हिंदी, भूगोल के प्रवक्ता का पद रिक्त है। तीन साल से यहां प्रधानाचार्य की तैनाती नहीं हो सकी है। संवाद
विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इसे ध्वस्त कर नया भवन बनाया जाएगा। शिक्षकों के रिक्त पदों की सूचना भी निदेशालय को दी गई है। -प्रकाश सिंह जंगपांगी, खंड शिक्षाधिकारी, हवालबाग।