अल्मोड़ा। उत्तराखंड के मशहूर लोकगायक स्व. गोपाल बाबू गोस्वामी की स्मृति में उनके पैतृक गांव चांदीखेत में बना संगीत भवन बदहाल है। भवन में कई साल से रंगरोगन नहीं हुआ है। बैराठेश्वर मंदिर चांदीखेत में बनी उनकी समाधि के आसपास कूड़े का ढेर लगा है। समाधि झाड़ियों में छिप गई है।
गोपाल बाबू गोस्वामी सांस्कृतिक कला समिति के अध्यक्ष और उनके पुत्र आशीर्वाद गोस्वामी के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने डीएम नितिन सिंह भदौरिया को ज्ञापन सौंपा। बताया कि मशहूर लोकगायक स्व. गोपाल बाबू गोस्वामी की स्मृति में चौखुटिया के चांदीखेत में संगीत भवन बना है, लेकिन शासन की उपेक्षा के चलते संगीत भवन जीर्णशीर्ण हालत में है। भवन में 24 साल से रंगरोगन नहीं हुआ है। छत भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे बरसात में पानी टपक रहा है। दीवारों में भी सीलन आ गई है। दीवारों से सीमेंट गिर रहा है। आशीर्वाद गोस्वामी के मुताबिक गोपाल बाबू की पुण्यतिथि पर संगीत भवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे लेकिन खस्ताहाल भवन से दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर संगीत भवन का सुधारीकरण करने, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच के नवनिर्माण, समाधि के चारों ओर पक्की दीवार, गेट, फर्श बनवाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में समिति के अध्यक्ष आशीर्वाद गोस्वामी, देवेंद्र भट्ट, रितेश जोशी, ममता वाणी, माया उपाध्याय, गोपाल चम्याल, गोपाल भट्ट, चंदन नेगी, राजेंद्र तिवारी, चंद्रा चौहान, संदीप नयाल, नरेश बिष्ट, मोहन राम दास, अरुण तिवारी, राजेंद्र आर्या शामिल हैं।