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पूर्व डीएम रहे सुशील त्रिपाठी का कोरोना से नोएडा में निधन
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अल्मोड़ा। अस्सी के दशक में अल्मोड़ा के जिलाधिकारी रह चुके आईएएस सुशील चंद्र त्रिपाठी का नोएडा के कैलाश अस्पताल में निधन हो गया है। उनके निधन पर नगर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने शोक संवेदना जताई है।
अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय में आईएएस सुशील चंद्र त्रिपाठी 22 मई 1974 से 10 मई 1976 तक अल्मोड़ा के जिलाधिकारी रहे। वह यूपी और केंद्र सरकार में उच्च पदों पर आसीन रहे। उत्तराखंड सरकार ने भी छठे वेतनमान की विसंगति दूर करने के लिए गठित वेतन विसंगति निवारण समिति का उन्हें अध्यक्ष बनाया था। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि उनके पिता ने भी डीपीआरओ के तौर पर अल्मोड़ा जिले में सेवाएं दी थीं। प्रतिष्ठित परिवार में जन्मे स्व. त्रिपाठी की पत्नी वैद्यनाथ आयुर्वेदिक कंपनी के संस्थापक परिवार की हैं। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि सुशील त्रिपाठी अल्मोड़ा में डीएम रहने के दौरान ज्यादातर समय पैदल ही कार्यालय आते थे। कर्मठता, विकास के प्रति समर्पण, शालीनता, ईमानदारी और मधुर व्यवहार के कारण वह जनता में काफी लोकप्रिय रहे।
यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने जब नोएडा के विकास की नींव डाली थी तो सुशील त्रिपाठी को ही नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ की जिम्मेदारी सौंपी थी। नोएडा का विकसित स्वरूप प्रशासनिक अधिकारी रहे त्रिपाठी की ही देन है। पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी के अलावा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व नेता प्रफुल्ल पंत ने भी सुशील त्रिपाठी के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है।
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अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय में आईएएस सुशील चंद्र त्रिपाठी 22 मई 1974 से 10 मई 1976 तक अल्मोड़ा के जिलाधिकारी रहे। वह यूपी और केंद्र सरकार में उच्च पदों पर आसीन रहे। उत्तराखंड सरकार ने भी छठे वेतनमान की विसंगति दूर करने के लिए गठित वेतन विसंगति निवारण समिति का उन्हें अध्यक्ष बनाया था। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि उनके पिता ने भी डीपीआरओ के तौर पर अल्मोड़ा जिले में सेवाएं दी थीं। प्रतिष्ठित परिवार में जन्मे स्व. त्रिपाठी की पत्नी वैद्यनाथ आयुर्वेदिक कंपनी के संस्थापक परिवार की हैं। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि सुशील त्रिपाठी अल्मोड़ा में डीएम रहने के दौरान ज्यादातर समय पैदल ही कार्यालय आते थे। कर्मठता, विकास के प्रति समर्पण, शालीनता, ईमानदारी और मधुर व्यवहार के कारण वह जनता में काफी लोकप्रिय रहे।
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यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने जब नोएडा के विकास की नींव डाली थी तो सुशील त्रिपाठी को ही नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ की जिम्मेदारी सौंपी थी। नोएडा का विकसित स्वरूप प्रशासनिक अधिकारी रहे त्रिपाठी की ही देन है। पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी के अलावा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व नेता प्रफुल्ल पंत ने भी सुशील त्रिपाठी के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है।
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