फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   First snowfall in the high altitude areas of Almora district

अल्मोड़ा जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का पहला हिमपात

Wed, 24 Jan 2018 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा। Updated Wed, 24 Jan 2018 10:31 PM IST
विज्ञापन
First snowfall in the high altitude areas of Almora district
हिमपात - फोटो : अमर उजाला

अल्मोड़ा जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में मंगलवार रात इस मौसम का पहला हिमपात हुआ। जिले के रानीखेत, बिनसर, शीतलाखेत, मोतियापाथर, पहाड़पानी, धौलछीना, कसारदेवी, स्याहीदेवी, वृद्ध जागेश्वर सहित कई इलाकों में हिमपात हुआ और निचले इलाकों में अच्छी बारिश हुई।

विज्ञापन


अल्मोड़ा में 6.6 मिमी और रानीखेत में 16 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। इधर बारिश और हिमपात के बाद बुधवार को धूप निकलने से लोगों ने ठंड से राहत महसूस की। बर्फबारी से डोटियाल-सराईखेत, डोटियाल-देघाट मोटर मार्ग करीब सात घंटे बंद रहा। 
विज्ञापन


मंगलवार को तेज धूप खिली हुई थी, लेकिन शाम को अचानक मौसम ने करवट बदली और देर रात बारिश के साथ ही ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने लगी। इस मौसम में पहली बार बारिश और बर्फबारी होने से काश्तकार काफी राहत महसूस कर रहे हैं। फसलों के लिहाज से इस बारिश को काफी फायदेमंद माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले के कसारदेवी, बिनसर, वृद्ध जागेश्वर, शीतलाखेत, मोतियापाथर, पहाड़पानी, धौलछीना, मानिला, डोटियाल, सराईखेत समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का पहला हिमपात हुआ। भैंसियाछाना ब्लॉक के विमलकोट, धौलछीना, वृद्ध जागेश्वर, सौकियाथल, जौबांज, दियारी शीतलाखेत, मोतियापाथर, पहाड़पानी, धौलछीनासमेत कई ऊंचाई वाले हिस्सों में हिमपात हुआ।

बर्फबारी से डोटियाल-सराईखेत, डोटियाल-देघाट मोटर मार्ग करीब सात घंटे बंद रहा। बर्फबारी के चलते इन सड़कों में कई वाहन फिसल गए हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ। सूचना मिलने पर लोनिवि के गैंग मेट मौके पर पहुंचे और मार्ग में पड़ी बर्फ को हटाया। इसके बाद यातायात व्यवस्था सुचारु हो सकी। मौसम के पहले हिमपात का पर्यटकों, छोटे बच्चों मेें जमकर लुत्फ उठाया।

इधर मौसम खराब रहने की वजह से मौलेखाल तहसील क्षेत्र के 150 से अधिक गांवों में दो दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है। इससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर  हिमपात और बारिश से जहां तापमान में काफी गिरावट आ गई है वहीं सूखे से तबाह फसलों को नई जान मिल गई है।

इससे काश्तकारों के मुरझाए चेहरों पर खुशी देखी गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी ने बताया कि अल्मोड़ा में 6.6 मिमी, रानीखेत में 16 मिमी, चौखुटिया में 26 मिमी, द्वाराहाट में 18 मिमी और सोमेश्वर में 1.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। 


फसलों को नई जान मिलेगी इस बारिश से

मंगलवार रात हुई बारिश और बर्फबारी को फसलों के लिए संजीवनी माना जा रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि बारिश और बर्फबारी से गेहूं, जौ, मसूर, चना, सरसों आदि की फसलों को नई जान मिलेगी। जिन फसलों का अंकुरण हो चुका है उनमें अब अच्छा जमाव होगा और फसलें बर्बाद होने से बच जाएंगी। सब्जियों और फलों के लिए यह बारिश और भी अच्छी मानी जा रही है। हालांकि असिंचित क्षेत्रों में जहां फसलों का जमाव ही नहीं हो सका है वहां इस बारिश से खास लाभ मिलने की संभावना नहीं है। ब्यूरो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed