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60 साल बाद अपनी पितृभूमि को नमन करने पहुंचे फिल्म अभिनेता सुधीर
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अल्मोड़ा। फिल्म अभिनेता सुधीर पांडे करीब 60 साल बाद अपने परिवार के साथ पैतृक गांव पाटिया पहुंचे। उन्होंने गांव में कुलदेवता की पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कमी है। यहां की प्रतिभाओं को दुनिया के सामने लाने के लिए सरकार उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि गांव में पिता की स्मृति में पाठशाला खोलने की इच्छा है। इससे पूर्व उन्होंने जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से भी मुलाकात की।
उन्होंने बताया कि उनका जन्म उत्तराखंड के काशीपुर में हुआ। करीब 60 साल बाद वह सोमवार को अपने पैतृक गांव पाटिया पहुंचे। उन्होंने पैतृक गांव में कुल देवता की पूजा की। गांव की शांत वादियों का लुत्फ उठाया। सुधीर ने कई हिंदी फिल्मों और धारावाहिकों में काम किया है। हाल ही में वह फिल्म टॉयलेट एक प्रेमकथा में अक्षय कुमार के पिता की भूमिका में नजर आए थे।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां के लोग विदेशों में रहकर भी अपने काम के जरिए नाम कमा रहे हैं। यहां कई प्रतिभाशाली लोग हैं लेकिन उन्हें उचित मंच नहीं मिलने से प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पाती हैं। सरकार को प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि भविष्य में वह अपने पिता स्व. देवकीनंदन पांडे की स्मृति में अपने पैतृक गांव पाटिया में छोटे बच्चों के लिए पाठशाला खोलना चाहते हैं।
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उन्होंने बताया कि उनका जन्म उत्तराखंड के काशीपुर में हुआ। करीब 60 साल बाद वह सोमवार को अपने पैतृक गांव पाटिया पहुंचे। उन्होंने पैतृक गांव में कुल देवता की पूजा की। गांव की शांत वादियों का लुत्फ उठाया। सुधीर ने कई हिंदी फिल्मों और धारावाहिकों में काम किया है। हाल ही में वह फिल्म टॉयलेट एक प्रेमकथा में अक्षय कुमार के पिता की भूमिका में नजर आए थे।
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अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां के लोग विदेशों में रहकर भी अपने काम के जरिए नाम कमा रहे हैं। यहां कई प्रतिभाशाली लोग हैं लेकिन उन्हें उचित मंच नहीं मिलने से प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पाती हैं। सरकार को प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि भविष्य में वह अपने पिता स्व. देवकीनंदन पांडे की स्मृति में अपने पैतृक गांव पाटिया में छोटे बच्चों के लिए पाठशाला खोलना चाहते हैं।
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