{"_id":"57e570b94f1c1b3376a822c3","slug":"fast-unto-death-in-maanila","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन ने रात में अस्पताल पहुंचाए अनशनकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन ने रात में अस्पताल पहुंचाए अनशनकारी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, मानिला (अल्मोड़ा)।
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:43 PM IST
विज्ञापन
मानिला में आमरण अनशन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानिला (अल्मोड़ा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला के पूर्व छात्रसंघ सचिव दिनेश रावत और वीरेंद्र रावत तीन सूत्रीय मांगों को लेकर चार दिन से आमरण अनशन कर रहे हैं। गुरुवार रात दोनों आंदोलनकारियों को प्रशासन ने अस्पताल पहुंचाकर जबरन ड्रिप चढ़वा दी लेकिन दोनों ने अस्पताल से लौटकर दोबारा अनशन शुरू कर दिया।
विज्ञापन
छात्र नेताओं ने मांगें न माने जाने पर मंगलवार को चक्का जाम कर सभी सरकारी संस्थानों को बंद कर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। नायब तहसीलदार राधे राम के नेतृत्व में आई टीम ने गुरुवार रात नौ बजे अनशन पर बैठे दोनों छात्र नेताओं को जबरन उठाकर नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रतखाल में भर्ती कराया। उन्हें जबरन ड्रिप भी चढ़ा दी गई।
विज्ञापन
इस दौरान उन्होंने दोनों छात्र नेताओं से आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया लेकिन दोनों छात्र नेता अस्पताल से निकलने के बाद फिर से आंदोलन स्थल पर पहुंच गए और फिर से आमरण अनशन शुरू कर दिया।
विज्ञापन
उन्होंने मांगें पूरी न होने पर मंगलवार से चक्का जाम और प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी। इधर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जितेंद्र घुघ्त्याल ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन, सरकार पर उनके आंदोलन की अनदेखी का आरोप लगाया।