गरुड़ (बागेश्वर)। मौसम की बेरुखी और चार माह से बारिश न होने से ऊंचाई वाले असिंचित क्षेत्र के किसान गेहूं और दलहनी फसलों की बुवाई नहीं कर सके। इस कारण जिले में रबी सीजन में कृषि उत्पादन घटने की आशंका है।
जिले में 16662 हेक्टेयर जमीन में फसल बोई जाती है। जिले की असिंचित क्षेत्र की फसल बारिश पर निर्भर है। अगस्त से बारिश न होने से असिंचित क्षेत्र के किसान गेहूं और दलहनी फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं जबकि जिले में मात्र पांच हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित है। सिंचित खेतों में गेहूं की फसल उग गई है जबकि असिंचित क्षेत्र के किसान रबी सीजन में गेहूं और दलहनी फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। अणां गांव के प्रगतिशील किसान ठाकुर सिंह रावत, गढ़खेत के गोपाल सिंह नेगी, मोहन नेगी, लोहारचौरा के धनराज दानू लखनी के मोहन राम, कौसानी के अशोक सिंह ने बताया कि बारिश न होने से वह रबी की फसल की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि नवंबर में बारिश नहीं हुई तो किसान गेहूं की फसल की बुवाई नहीं कर पाएंगे। मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्य ने बताया कि बारिश न होने से असिंचित क्षेत्र के अधिकतर किसान गेहूं की फसल की बुवाई नहीं कर सके हैं। इससे कृषि उत्पादन पर विपरीत असर पडे़गा।