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जिला अस्पताल के महिला शौचालय में भ्रूण मिलने से सनसनी
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जिला अस्पताल में भ्रूण मिलने के मामले की जांच के लिए पहुंची पुलिस।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। जिला अस्पताल के महिला शौचालय में सोमवार सुबह एक भ्रूण मिलने से खलबली मच गई। अस्पताल प्रबंधन ने आशंका जताई है शनिवार के दिन बाहर से लाकर शौचालय में आठ माह का भ्रूण फेंका गया है। तीन दिन तक भ्रूण शौचालय में पड़े रहने से बुरी तरह से गल गया था।
सोमवार सुबह जिला अस्पताल का एक सफाई कर्मी अस्पताल में सफाई कर रहा था। इसी दौरान सफाई कर्मी को अस्पताल के भूतल पर बने महिला शौचालय से बदबू आई। सफाई कर्मी ने शौचालय के भीतर जाकर देखा तो वहां कमोड में एक भ्रूण पड़ा मिला। सफाई कर्मी ने अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी। मौके पर पहुंचे डाक्टरों ने जांच के बाद बताया कि भ्रूण आठ माह का था। डाक्टरों ने रविवार के दिन अस्पताल बंद होने के कारण शनिवार के दिन भ्रूण को शौचालय में फेंके जाने की आशंका जताई है। भ्रूण के काफी गलने के कारण अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि भ्रूण लड़के का है या लड़की का। अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों से भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर भ्रूण कब और कौन अस्पताल में लाया या किसी गर्भवती ने अस्पताल के शौचालय में ही भ्रूण को जन्म दिया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे का बैकअप एक ही दिन का होने के कारण सीसीटीवी में भी कुछ कैद नहीं हो पाया। अस्पताल प्रशासन ने थाना पुलिस को भी मामले की जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा है।
सोमवार सुबह जिला अस्पताल के महिला शौचालय में एक भ्रूण पड़ा मिला। शनिवार के दिन बाहर से लाकर अस्पताल में भ्रूण रखे जाने की आशंका है। फिलहाल भ्रूण को जांच के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल की लैब में भेजा गया है।
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- डॉ. कुसमुलता, पीएमएस जिला अस्पताल।
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सोमवार सुबह जिला अस्पताल का एक सफाई कर्मी अस्पताल में सफाई कर रहा था। इसी दौरान सफाई कर्मी को अस्पताल के भूतल पर बने महिला शौचालय से बदबू आई। सफाई कर्मी ने शौचालय के भीतर जाकर देखा तो वहां कमोड में एक भ्रूण पड़ा मिला। सफाई कर्मी ने अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी। मौके पर पहुंचे डाक्टरों ने जांच के बाद बताया कि भ्रूण आठ माह का था। डाक्टरों ने रविवार के दिन अस्पताल बंद होने के कारण शनिवार के दिन भ्रूण को शौचालय में फेंके जाने की आशंका जताई है। भ्रूण के काफी गलने के कारण अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि भ्रूण लड़के का है या लड़की का। अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों से भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर भ्रूण कब और कौन अस्पताल में लाया या किसी गर्भवती ने अस्पताल के शौचालय में ही भ्रूण को जन्म दिया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे का बैकअप एक ही दिन का होने के कारण सीसीटीवी में भी कुछ कैद नहीं हो पाया। अस्पताल प्रशासन ने थाना पुलिस को भी मामले की जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा है।
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सोमवार सुबह जिला अस्पताल के महिला शौचालय में एक भ्रूण पड़ा मिला। शनिवार के दिन बाहर से लाकर अस्पताल में भ्रूण रखे जाने की आशंका है। फिलहाल भ्रूण को जांच के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल की लैब में भेजा गया है।
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- डॉ. कुसमुलता, पीएमएस जिला अस्पताल।