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Almora News: मुआवजे के लिए सिर्फ एक आवेदन, कोई विवाद नहीं
Wed, 22 Jan 2025 11:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 22 Jan 2025 11:39 PM IST
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जागेश्वर (अल्मोड़ा)। यहां आरतोला क्षेत्र में गुलदार के हमले से मारे गए बैल के मुआवजे को लेकर कोई विवाद प्रकाश में नहीं आ रहा है। चर्चा थी कि यह बैल लंबे समय से लावारिस घूम रहा था जो गुलदार का शिकार हो गया, लेकिन मुआवजा लेने के लिए कई स्वामी सामने आ गए। बकौल वन क्षेत्राधिकारी जागेश्वर मुआवजे के लिए उनके पास एकमात्र प्रार्थना आया है और मुआवजे को लेकर कोई विवाद की स्थिति नहीं है।
दरअसल, मामले के अनुसार आनंदपुरी (झांकरसैम) निवासी नागेश चंद्र पंत ने बीते 27 दिसंबर को वन क्षेत्राधिकारी जागेश्वर को प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि उनके पालतू बैल को गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया था। इसकी सूचना उन्होंने पशुधन अधिकारी धौलादेवी को दी। इसके बाद धौलादेवी की पशु चिकित्सक डाॅ. मोनिका जोशी के निर्देश पर दवा देकर बैल का उपचार भी किया गया, किंतु गंभीर रूप से घायल बैल की 25 दिसंबर को मौत हो गई। सूचना पर फारेस्ट गार्ड ने मौका मुआयना किया। नागेश पंत ने पालतू बैल का मुआवजा दिलवाने की गुहार प्रार्थना पत्र के जरिये लगाई। इसके बाद चर्चा में आया कि बैल लावारिस था। तो वन क्षेत्राधिकारी जागेश्वर ने वन दरोगा को इसकी जांच के आदेश दिए हैं, ताकि स्पष्ट हो सके कि बैल पालतू था या आवारा। संवाद
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दरअसल, मामले के अनुसार आनंदपुरी (झांकरसैम) निवासी नागेश चंद्र पंत ने बीते 27 दिसंबर को वन क्षेत्राधिकारी जागेश्वर को प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि उनके पालतू बैल को गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया था। इसकी सूचना उन्होंने पशुधन अधिकारी धौलादेवी को दी। इसके बाद धौलादेवी की पशु चिकित्सक डाॅ. मोनिका जोशी के निर्देश पर दवा देकर बैल का उपचार भी किया गया, किंतु गंभीर रूप से घायल बैल की 25 दिसंबर को मौत हो गई। सूचना पर फारेस्ट गार्ड ने मौका मुआयना किया। नागेश पंत ने पालतू बैल का मुआवजा दिलवाने की गुहार प्रार्थना पत्र के जरिये लगाई। इसके बाद चर्चा में आया कि बैल लावारिस था। तो वन क्षेत्राधिकारी जागेश्वर ने वन दरोगा को इसकी जांच के आदेश दिए हैं, ताकि स्पष्ट हो सके कि बैल पालतू था या आवारा। संवाद
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