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Almora News: बुजुर्ग बीमार महिला को डेढ़ किमी पैदल चल पहुंचाया अस्पताल
Tue, 24 Sep 2024 11:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 24 Sep 2024 11:50 PM IST
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बुजुर्ग महिला को कंधे पर ले जाते फयाट टनौला गांव के ग्रामीण। संवाद
रानीखेत (अल्मोड़ा )। पर्वतीय जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क से जोड़े जाने के भले ही लाख दावे क्यों न किए जाते हों। लेकिन सच्चाई यह है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क न होने का खामियाजा यहां के ग्रामीण भुगत रहे हैं। इसकी बानगी बीते दिनों ताड़ीखेत के फयाट टनौला गांव में देखने को मिली। जहां एक बुजुर्ग महिला के बीमार होने पर उसके तीमारदारों को उसे कंधे पर उठाकर डेढ़ किमी पैदल चलना पड़ा। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया जा सका।
ताड़ीखेत विकास खंड के फयाट नौला गांव में बीते दिनों 90 साल की बुजुर्ग रधुली देवी का अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया। वायरल होने से उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। गांव के आसपास स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं थी। मजबूरी में गांव के युवक गोविंद, बबलू और योगेश ने 90 साल की दादी को कंधे पर बैठाया और करीब डेढ़ किमी पैदल चलकर उन्हें मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। वहां से बुजुर्ग महिला को उपचार के लिए हल्द्वानी ले जाया गया।
इंसेट
खस्ता है सड़क की हालत
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के लिए वर्ष 2020 में चमड़खान-सेलापानी आठ किमी सड़क स्वीकृत हुई। लेकिन अभी तक मात्र पांच किमी सड़क बनकर तैयार हो सकी है। आधी अधूरी इस सड़क का लाभ भी फयाटनौला के 15 से 20 परिवारों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ग्रामीणों को करीब दो किमी पैदल चलना पड़ता है।
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सुविधा नहीं तो क्या करें गांव आकर
नौकरी से रिटायर होकर गांव में रिवर्स पलायन करने वाले राजेंद्र सिंह ने बताया कि हमने सरकार के गांव की ओर लौटें कैंपेन को समर्थन देते हुए और अपनी मातृभूमि की सेवा करने के लिये रिटायरमेंट के बाद शहर की आरामदायक जिंदगी को ठुकरा कर गांव वापसी की। लेकिन सरकारी विभागों की बेरुखी देखकर मन खट्टा हो रहा है। सड़क सुविधा न होने से बीमार व्यक्ति को सड़क तक ले जाने में आफत आ जाती है।
10 किलोमीटर दूर है पूर्व सीएम हरीश रावत का गांव
फयाट नौला गांव से करीब 10 से 12 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का गांव मोहनरी है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत ने भी हमेशा गांव की उपेक्षा ही की है। जब वह मुख्यमंत्री थे उन्होंने भी ग्रामीणों को आश्वासन तो दिए लेकिन सड़क का निर्माण आज तक नहीं हो पाया।
कोट
चमड़खान सेलापानी मोटर मार्ग आठ किमी स्वीकृत है। पांच किमी सड़क के दूसरे फेज का कार्य हो चुका है । शेष तीन किमी सड़क निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति के बाद कार्य किया जाएगा। - कुंदन सिंह बिष्ट, एई, प्रांतीय खंड, लोनिवि
कोट
कुछ दिन पूर्व हुई बारिश से सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी । जिस कारण वाहन नहीं चल पा रहे हैं। फयाटनौला के लिए पूर्व में विधायक निधि से सड़क कटी है।लेकिन उसकी हालत भी काफी खराब है। - पंकज बिष्ट, प्रधान नौगांव
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ताड़ीखेत विकास खंड के फयाट नौला गांव में बीते दिनों 90 साल की बुजुर्ग रधुली देवी का अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया। वायरल होने से उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। गांव के आसपास स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं थी। मजबूरी में गांव के युवक गोविंद, बबलू और योगेश ने 90 साल की दादी को कंधे पर बैठाया और करीब डेढ़ किमी पैदल चलकर उन्हें मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। वहां से बुजुर्ग महिला को उपचार के लिए हल्द्वानी ले जाया गया।
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खस्ता है सड़क की हालत
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के लिए वर्ष 2020 में चमड़खान-सेलापानी आठ किमी सड़क स्वीकृत हुई। लेकिन अभी तक मात्र पांच किमी सड़क बनकर तैयार हो सकी है। आधी अधूरी इस सड़क का लाभ भी फयाटनौला के 15 से 20 परिवारों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ग्रामीणों को करीब दो किमी पैदल चलना पड़ता है।
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सुविधा नहीं तो क्या करें गांव आकर
नौकरी से रिटायर होकर गांव में रिवर्स पलायन करने वाले राजेंद्र सिंह ने बताया कि हमने सरकार के गांव की ओर लौटें कैंपेन को समर्थन देते हुए और अपनी मातृभूमि की सेवा करने के लिये रिटायरमेंट के बाद शहर की आरामदायक जिंदगी को ठुकरा कर गांव वापसी की। लेकिन सरकारी विभागों की बेरुखी देखकर मन खट्टा हो रहा है। सड़क सुविधा न होने से बीमार व्यक्ति को सड़क तक ले जाने में आफत आ जाती है।
10 किलोमीटर दूर है पूर्व सीएम हरीश रावत का गांव
फयाट नौला गांव से करीब 10 से 12 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का गांव मोहनरी है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत ने भी हमेशा गांव की उपेक्षा ही की है। जब वह मुख्यमंत्री थे उन्होंने भी ग्रामीणों को आश्वासन तो दिए लेकिन सड़क का निर्माण आज तक नहीं हो पाया।
कोट
चमड़खान सेलापानी मोटर मार्ग आठ किमी स्वीकृत है। पांच किमी सड़क के दूसरे फेज का कार्य हो चुका है । शेष तीन किमी सड़क निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति के बाद कार्य किया जाएगा। - कुंदन सिंह बिष्ट, एई, प्रांतीय खंड, लोनिवि
कोट
कुछ दिन पूर्व हुई बारिश से सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी । जिस कारण वाहन नहीं चल पा रहे हैं। फयाटनौला के लिए पूर्व में विधायक निधि से सड़क कटी है।लेकिन उसकी हालत भी काफी खराब है। - पंकज बिष्ट, प्रधान नौगांव