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खतरा बने भवनों को चिन्हित करने वाला कोई नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:55 AM IST
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जर्जर गिरताऊ भवन
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। शहर में जीर्ण-शीर्ण भवनों के चिन्हीकरण का जिम्मा किसी संस्था के पास नहीं है। खतरे वाले जीर्ण-शीर्ण मकानों की जानकारी मिलने पर पालिका परिषद संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने को कहती है।
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कतिपय स्थानों पर खतरा बने भवनों की सूचना और शिकायत मिलने पर पालिका परिषद इसका संज्ञान लेती है और संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी करती है। भवन के खतरे वाले हिस्सेे को ध्वस्त करने के लिए सप्ताह भर से एक पखवाड़े का समय दिया जाता है।
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चेताया जाता है कि यदि भवन स्वामी ने खतरे वाले भवन को जल्द ध्वस्त नहीं किया तो पालिका परिषद भवन को ध्वस्त करेगी और इसका हर्जा-खर्चा संबंधित भवन स्वामी से वसूलेगी। ऐसी स्थिति में खतरा बने भवन को मकान मालिक स्वयं ध्वस्त कर देते हैं।
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अल्मोड़ा के चौक बाजार से धारानौला को जाने वाले मार्ग में सब्जी मंडी के समीप बहुमंजिले मकान का पिछला हिस्सा पिछले कई सालों से खतरा बना हुआ है। जानकारी के अनुसार मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
इधर पालिका के अवर अभियंता उमेश अवस्थी ने बताया कि पिछले एक साल में आधा दर्जन खतरा बने भवनों के बारे में शिकायत मिली थी। इस संबंध में संबधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए। भवन स्वामियों ने स्वयं खतरा बने भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।