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Almora News: उत्कृष्ट व्यवस्था के छेद से टपक रहीं बदइंतजामी की बूंदें
Wed, 06 Aug 2025 01:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 06 Aug 2025 01:05 AM IST
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अटल उत्कृष्ट जीआईसी द्वाराहाट के भवन की दीवार पर दरारें। संवाद
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। उत्कृष्ट का तमगा मिल गया लेकिन द्वाराहाट के अटल उत्कृष्ट जीआईसी के मर्ज को इलाज नहीं मिला। विद्यालय की टिन की छत पर जगह-जगह छेद हो गए हैं। बारिश में छत से पानी टपक कर कक्षाओं में घुस जाता है। इससे वहां पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। विद्यालय की जर्जर स्थिति 380 बच्चों की जान के लिए खतरा बन चुकी है।
अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज रानीखेत मोटर मार्ग पर द्वाराहाट से दो किमी दूर है। वर्ष 1947 में स्थापित यह विद्यालय 1971-72 में इंटर कॉलेज में उच्चीकृत हुआ। हाल ही में इसे अटल उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा भी मिल गया। अब जरा इसके हालात देखिए। कक्षा 6, 7, 8 और 11-अ के कक्षों की छतें बेहद खराब स्थिति में हैं। दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। विद्यालय सभागार की छत भी जर्जर है। यहां पढ़ने वाले 12वीं के विद्यार्थियों को भी पढ़ते समय डर लगा रहता है। छात्र पढ़ने से ज्यादा खतरे की चिंता और चर्चा करते हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य का आवास भी दयनीय स्थिति में है। यहां भी छत से पानी टपकता रहता है। संवाद
इंफो
380 छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी हर समय रहते हैं चिंतित
1947 में स्थापित यह विद्यालय द्वाराहाट से दो किमी दूर है
बिना दीवार का स्कूल पशुओं का अड्डा
विद्यालय की चहारदीवारी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। छुट्टी के बाद विद्यालय लावारिस पशुओं का अड्डा बन जाता है। बच्चों की ओर से विद्यालय में बनाई गई फुलवारी को रौंद कर नष्ट कर देते हैं। इससे विद्यालय परिसर में जगह-जगह गंदगी रहती है।
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खेल मैदान छोटा, कैसे निखरेंगी प्रतिभाएं
विद्यालय में खेल सुविधाओं की भी कमी है। खेल मैदान छोटा होने से बच्चों को खेलने में दिक्कतों से जूझना पड़ता है। कई बार विद्यार्थी प्रार्थना स्थल पर भी खेलने के लिए मजबूर होते हैं। पास में ही राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे विद्यालय की पर्याप्त भूमि भी है जिसे समतल कर एक खेल मैदान बनाया जा सकता है।
बिना मुखिया के चल रहा स्कूल
विद्यालय में वर्ष 2018 से प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। इतिहास प्रवक्ता अनिल मठपाल को कार्यवाहक प्रधानाचार्य का प्रभार दिया गया है। प्रवक्ताओं के 12 पद सृजित हैं जिनमें दस पदों पर ही स्थायी प्रवक्ता है। समाजशास्त्र और गणित विषयों के स्थायी प्रवक्ता नहीं है। अतिथि शिक्षकों के भरोसे इन विषयों की पढ़ाई होती है।
कोट
विद्यालय भवनों को ठीक करने का प्रस्ताव जिला मुख्यालय के माध्यम से निदेशालय को भेजा गया है। शिक्षकों के रिक्त पदों के सापेक्ष दो अतिथि शिक्षक तैनात किए गए हैं। - वंदना रौतेला, खंड शिक्षाधिकारी, द्वाराहाट
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अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज रानीखेत मोटर मार्ग पर द्वाराहाट से दो किमी दूर है। वर्ष 1947 में स्थापित यह विद्यालय 1971-72 में इंटर कॉलेज में उच्चीकृत हुआ। हाल ही में इसे अटल उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा भी मिल गया। अब जरा इसके हालात देखिए। कक्षा 6, 7, 8 और 11-अ के कक्षों की छतें बेहद खराब स्थिति में हैं। दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। विद्यालय सभागार की छत भी जर्जर है। यहां पढ़ने वाले 12वीं के विद्यार्थियों को भी पढ़ते समय डर लगा रहता है। छात्र पढ़ने से ज्यादा खतरे की चिंता और चर्चा करते हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य का आवास भी दयनीय स्थिति में है। यहां भी छत से पानी टपकता रहता है। संवाद
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इंफो
380 छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी हर समय रहते हैं चिंतित
1947 में स्थापित यह विद्यालय द्वाराहाट से दो किमी दूर है
बिना दीवार का स्कूल पशुओं का अड्डा
विद्यालय की चहारदीवारी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। छुट्टी के बाद विद्यालय लावारिस पशुओं का अड्डा बन जाता है। बच्चों की ओर से विद्यालय में बनाई गई फुलवारी को रौंद कर नष्ट कर देते हैं। इससे विद्यालय परिसर में जगह-जगह गंदगी रहती है।
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खेल मैदान छोटा, कैसे निखरेंगी प्रतिभाएं
विद्यालय में खेल सुविधाओं की भी कमी है। खेल मैदान छोटा होने से बच्चों को खेलने में दिक्कतों से जूझना पड़ता है। कई बार विद्यार्थी प्रार्थना स्थल पर भी खेलने के लिए मजबूर होते हैं। पास में ही राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे विद्यालय की पर्याप्त भूमि भी है जिसे समतल कर एक खेल मैदान बनाया जा सकता है।
बिना मुखिया के चल रहा स्कूल
विद्यालय में वर्ष 2018 से प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। इतिहास प्रवक्ता अनिल मठपाल को कार्यवाहक प्रधानाचार्य का प्रभार दिया गया है। प्रवक्ताओं के 12 पद सृजित हैं जिनमें दस पदों पर ही स्थायी प्रवक्ता है। समाजशास्त्र और गणित विषयों के स्थायी प्रवक्ता नहीं है। अतिथि शिक्षकों के भरोसे इन विषयों की पढ़ाई होती है।
कोट
विद्यालय भवनों को ठीक करने का प्रस्ताव जिला मुख्यालय के माध्यम से निदेशालय को भेजा गया है। शिक्षकों के रिक्त पदों के सापेक्ष दो अतिथि शिक्षक तैनात किए गए हैं। - वंदना रौतेला, खंड शिक्षाधिकारी, द्वाराहाट