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जिले की 35 आंतरिक सड़कें बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 02 Jul 2015 12:52 AM IST
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तीन दिनों से हो रही बारिश से जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बुधवार सुबह करीब दस बजे से अपराह्न तक जबर्दस्त बारिश हुई। मलबा आने से जिले की 35 आंतरिक सड़कें बंद हो गई हैं।
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कोसी के निकट अल्मोड़ा-रानीखेत मार्ग में चीड़ का पेड़ गिरने से तीन घंटे तक मार्ग में यातायात अवरुद्ध रहा। पिछले 24 घंटे में अल्मोड़ा में 48.03 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। जिले में अब तक दो लोगों की मौत हो गई है।
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बुधवार को भी सुबह से ही बारिश होते रही। दस बजे से दिन में एक बजे तक काफी तेज बारिश हुई। नगर में कई स्थानों पर नालियां चोक हो जाने से पानी सड़कों और रास्तों में बहने लगा।
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कलक्ट्रेट मार्ग और पालिका परिषद के निकट नालियां चोक होने से राहगीरों को काफी दिक्कतें हुई।
बल्टा सड़क में भी कई स्थानों पर मलबा जमा होने से मार्ग में यातायात बाधित हो गया है। इस सड़क की हालत काफी बदतर हो चुकी है। कोसी के पास सुनौली में शाम करीब चार बजे चीड़ का पेड़ गिर जाने से कोसी-अल्मोड़ा सड़क बंद हो गई। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
जाम लगने से ऐंबुलेंस भी फंसी रही। ग्रामीण घरों से आरा लाकर पेड़ काटने में जुटे रहे। करीब दो घंटे बाद पेड़ काटने के बाद यातायात सुचारु हो सका।
मलबा आने से जिले में विभिन्न स्थानों पर 35 आंतरिक मार्ग बंद हो गए हैं। बंद सड़कों से मलबा हटाने को कई स्थानों पर लोनिवि ने जेसीबी लगाई है।
इनमें से चार राज्य मार्ग, 13 अन्य जिला मार्ग, 15 ग्रामीण सड़कें और तीन मुख्य जिला मार्ग शामिल हैं। सड़कें बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश से जिले में अब तक 35 मकानों को क्षति पहुंची है। इनमें 24 मकानों को आंशिक और 11 मकान को अधिक क्षति हुई है।
रानीखेत तहसील क्षेत्र में एक मकान, भिकियासैंण में आठ, सल्ट में तीन, चौखुटिया में चार, द्वाराहाट में तीन, सोमेश्वर में 11, भनोली में पांच मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा लमगड़ा ब्लाक में दो पशु भी मर गए हैं।