फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Disaster not leaving the Cupcoat

कपकोट का पीछा नहीं छोड़ रही आपदा

Sat, 14 Jul 2018 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Sat, 14 Jul 2018 11:26 PM IST
विज्ञापन
Disaster not leaving the Cupcoat
बड़ेत के बुरमौला के खेतों में भरा मलबा। - फोटो : अमर उजाला
आपदा कपकोट क्षेत्र का पीछा नहीं छोड़ रही है। ग्राम पंचायत पन्याली के थोड़ तोक में हुए भारी भूस्खलन से छह परिवारों को घर छोड़कर पंचायत घर में शरण में लेनी पड़ी है। वहां प्रभावितों की रात अंधेरे में कट रही है। पूर्वी रामगंगा के नाचनी झूला पुल के बाद कपकोट के सरयू पुल पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। जिले में 11 सड़कें बंद पड़ी हुई हैं। 
विज्ञापन


भारी बारिश से विचल्ला दानपुर के ग्राम पंचायत पन्याली के थोड़ तोक में भारी भूस्खलन हो गया। जिससे छह परिवारों ने घर छोड़ दिया है। यह परिवार पंचायत घर में शरण लिए हैं। रात में उजाले का साधन नहीं होने से उनकी रात अंधेरे में कट रही है।  सरयू के उफान होने से सरयू पुल कपकोट की सुरक्षा के लिए बने तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ सुरक्षा के तहत निर्मित सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। जिससे पुल को खतरा बना हुआ है। इसके आसपास बंसती उपाध्याय, रवि उपाध्याय और संतोष उपाध्याय की उपजाऊ भूमि भी कटते जा रही है।
विज्ञापन


 नागरिकों, व्यापारियों और प्रभावितों ने शासन-प्रशासन से पुल और उपजाऊ भूमि की सुरक्षा के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। भाजपा कपकोट मंडल उपाध्यक्ष गंगा सिंह कोरंगा, पूर्व सभासद बलवंत कपकोटी, बबलू उपाध्याय, असों के प्रधान भुवन शाही और मनोज शाही ने प्रशासन से शीघ्र मलबा हटाने की मांग की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पोलिंग में झूला पुल में जाने को रास्ता न होने से ग्रामीण परेशान 
कपकोट (बागेश्वर)। सरयू नदी में आई बाढ़ से पोलिंग गांव को जोड़ने व झूला पुल में जाने के लिए एप्रोच दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे ग्रामीणों का पुल से आवागमन बंद हो गया है। ग्रामीणों को कपकोट और जिला मुख्यालय को जाने के लिए दो किमी दूर उत्तरौड़ा गांव से होकर जाना पड़ा रहा है। पोलिंग-उत्तरौड़ा-कपकोट सड़क पर  पैराड़ी में पहाड़ी से पत्थर गिरने से ग्रामीणों के चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही, पोलिंग के प्रधान डीआर तिरूवा और ग्राम पंचायत सदस्य पंकज कुमार ने लोनिवि से एप्रोच दीवार का शीघ्र निर्माण करने को कहा है।  

मलबा आने से पोथिंग-शोभाकुंड सड़क बंद 
कपकोट(बागेश्वर)। बृहस्पतिवार रात हुई भारी बारिश पोथिंग-शोभाकुंड सड़क पर भूस्खलन और पहाड़ी के टूटने से सड़क मलबे  से मलबे भर गई है। तेज बारिश से सड़क के कई हिस्सों में किनारे की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सड़क बंद होने से ग्रामीणों को जान हथेली में रखकर जाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान चंपा देवी, बीडीसी सदस्य शोभा देवी समेत ग्रामीणों ने लोनिवि से सड़क शीघ्र खोलने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। 

कपकोट की लाइफ लाइन मलबे से पटी 
बागेश्वर। कपकोट की लाइफ लाइन कही जाने वाली पिंडारी सड़क झटक्वाली से लेकर भयूं तक मलबे से पटी हुई है।
चालक जान हथेली में रखकर वाहन चला रहे हैं। जरा सी असावधानी होने पर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। जानकारी के अनुसार पिछले दिनों हुई भारी बारिश से पिंडारी सड़क के झटक्वाली, देलचौंरा, हरसीला, गोलूना, खटगेड़ा, असों और भयूूं में पहाड़ी से मलबा भरा है। इसी सड़क से होकर शासन-प्रशासन के प्रतिनिधियों का खूब आना जाना है। जिन स्थलों पर मलबा भरा है वहां सड़क काफी संकरी हो गई है। क्षेत्रवासियों ने लोनिवि से मलबा हटाने के लिए तेजी से काम करने की मांग की है।   

बागेश्वर जिले में बंद सड़कें 
-कपकोट-भानी सड़क किमी तीन , -भयूूं-गडेरा किमी तीन और चार, -भानी हरसिंग्याबगड़ सड़क किमी एक से आगे,  -शामा-तेजम किमी 53 से 67 तक, -दूणी-सुकंडा सड़क छेपड़ाभ्योव के पास,  -भयूं-गुलेर सड़क किमी छह और आठ पर, - कपकोट-पोलिंग सड़क किमी दो, तीन और चार पर, -मुनार-सूपी सड़क किमी दो और तीन, -उत्तरौड़ा-लीली सड़क किमी दो, तीन और पांच, -शामा-लीती-गोगिना सड़क किमी दो से आगे, -बिजोरीझाल-ओखल्सों सड़क किमी एक से आगे, 

शुक्रवार रात बारिश नहीं होने से ली राहत की सांस 
बागेश्वर। शुक्रवार की रात जिले के किसी भी हिस्से में बारिश नहीं हुई। जिससे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को काफी राहत मिली। शनिवार दिन भर बारिश नहीं होने से प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का आकलन और प्रभावितों को राहत पहुंचाने में खासी सुविधा हुई। 

सरयू और गोमती का जल स्तर बढ़ा रहा 
बागेश्वर। सरयू और गोमती का जलस्तर शुक्रवार को भी बढ़ा रहा। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार यहां सरयू का जलस्तर  866.10 मीटर, गोमती 863.00 मीटर जबकि खतरे का निशान   870.70 मीटर है। 


बड़ी पन्याली गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। कपकोट ब्लाक के सुदूरवर्ती बड़ी पन्याली गांव में हुई बारिश से परूली देवी पत्नी रतन सिंह का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पीड़िता को मुआवजा दिलाने की मांग की है। उधर खड़लेख-भनार पर पड़े मलबा न हटने से वहां सड़क का किनारा टूट गया जिससे वहां यातायात प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों ने लोनिवि से सड़क शीघ्र खोलने की मांग की है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed