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साइकिल से 35 हजार किमी यात्रा कर धौलछीना पहुंचे धोंडी
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 16 Oct 2017 11:37 PM IST
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साइकिल यात्री धोंडी राम।
- फोटो : अमर उजाला
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और सड़क दुर्घटना से बचाव का संदेश लेकर सोलापुर महाराष्ट्र के जवडेगांव से साइकिल यात्रा पर निकले धोंडी राम का धौलछीना पहुंचने पर व्यापार मंडल पदाधिकारियों और व्यापारियों ने भव्य स्वागत किया। 29 फरवरी 2016 से यात्रा पर निकले धोंडी राम अब तक आठ राज्यों की यात्रा पूरी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने संदेश को जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक पहुंचाना चाहते हैं।
महाराष्ट्र के शोलापुर निवासी 47 वर्षीय धोंडी राम अविवाहित हैं। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव का संदेश देने की ठानी और उसके लिए साइकिल यात्रा पर निकल गए। 29 फरवरी 2017 को बिना ब्रेक वाली साइकिल से वह मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल होते हुए उत्तराखंड पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह अब तक 35 हजार किमी यात्रा पूरी कर चुके हैं और कन्याकुमारी में यात्रा का समापन करेंगे। उनका कहना है कि महंगी गाड़ियां होने और अच्छे ब्रेक होने के बावजूद वाहन दुर्घटनाएं नहीं रुक रही हैं। वह लोगों को समझा रहे हैं कि थोड़ा सावधानी से वाहन चलाएं तो कभी दुर्घटना नहीं हो सकती। धौलछीना पहुंचने पर व्यापार मंडल अध्यक्ष और व्यापारियों ने उनका स्वागत किया और आगे की यात्रा के लिए आर्थिक मदद भी दी।
छह मुख्यमंत्री और 40 जिलाधिकारी दे चुके हैं प्रमाणपत्र
धौलछीना(अल्मोड़ा)। धोंडी राम यात्रा के दौरान छह राज्यों के मुख्यमंत्री और 40 जिलाधिकारियों से प्रमाण पत्र ले चुके हैं। इतनी लंबी यात्रा में उनकी साइकिल एक बार भी पंचर नहीं हुई। हालांकि अब तक वह दो बार टायर बदल चुके हैं। ब्रेक का काम वह अपने पैरों से करते हैं। उन्होंने बताया कि लोगों और प्रशासन से मिलने वाले आर्थिक सहयोग से ही वह यात्रा का खर्च चला रहे हैं। पुणे कालेज से एलएलबी कर चुके धोंडी ने यात्रा पूरी करने के बाद ही विवाह करने की बात कही। फिलहाल वह पाताल भुवनेश्वर को निकल गए हैं और दो दिन बाद वापस अल्मोड़ा आएंगे। उसके बाद नैनीताल होते हुए ऊधमसिंह नगर को प्रस्थान करेंगे।
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महाराष्ट्र के शोलापुर निवासी 47 वर्षीय धोंडी राम अविवाहित हैं। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव का संदेश देने की ठानी और उसके लिए साइकिल यात्रा पर निकल गए। 29 फरवरी 2017 को बिना ब्रेक वाली साइकिल से वह मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल होते हुए उत्तराखंड पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह अब तक 35 हजार किमी यात्रा पूरी कर चुके हैं और कन्याकुमारी में यात्रा का समापन करेंगे। उनका कहना है कि महंगी गाड़ियां होने और अच्छे ब्रेक होने के बावजूद वाहन दुर्घटनाएं नहीं रुक रही हैं। वह लोगों को समझा रहे हैं कि थोड़ा सावधानी से वाहन चलाएं तो कभी दुर्घटना नहीं हो सकती। धौलछीना पहुंचने पर व्यापार मंडल अध्यक्ष और व्यापारियों ने उनका स्वागत किया और आगे की यात्रा के लिए आर्थिक मदद भी दी।
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छह मुख्यमंत्री और 40 जिलाधिकारी दे चुके हैं प्रमाणपत्र
धौलछीना(अल्मोड़ा)। धोंडी राम यात्रा के दौरान छह राज्यों के मुख्यमंत्री और 40 जिलाधिकारियों से प्रमाण पत्र ले चुके हैं। इतनी लंबी यात्रा में उनकी साइकिल एक बार भी पंचर नहीं हुई। हालांकि अब तक वह दो बार टायर बदल चुके हैं। ब्रेक का काम वह अपने पैरों से करते हैं। उन्होंने बताया कि लोगों और प्रशासन से मिलने वाले आर्थिक सहयोग से ही वह यात्रा का खर्च चला रहे हैं। पुणे कालेज से एलएलबी कर चुके धोंडी ने यात्रा पूरी करने के बाद ही विवाह करने की बात कही। फिलहाल वह पाताल भुवनेश्वर को निकल गए हैं और दो दिन बाद वापस अल्मोड़ा आएंगे। उसके बाद नैनीताल होते हुए ऊधमसिंह नगर को प्रस्थान करेंगे।
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