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पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने तहसील में किया प्रदर्शन, नारेबाजी की
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भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। रामगंगा भवानी देवी पपिंग पेयजल योजना का पुनर्गठन करने समेत अन्य मांगों को लेकर ग्रामीणों ने तहसील प्रांगण में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता देख अधिकारियों ने उन्हें एक माह के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
बासोट, बमेली न्याय पंचायत में लंबे समय से पेयजल किल्लत बनी हुई है। सोमवार को बासोट और बमेली न्याय पंचायत के पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय में प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर रोष जताया और जमकर नारेबाजी की। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि बारिश होने के बावजूद भी गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। पानी नहीं मिलने के कारण गर्मियों के दिनों में ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मौके पर तहसीलदार निशा रानी की पहल पर ग्रामीणों की अधिकारियों से वार्ता हुई। जिसमें जल निगम के अभियंताओं ने एक माह के भीतर योजना के सुधारीकरण आगणन तैयार कर जल मिशन योजना के तहत बजट शासन से स्वीकृत कराने का आश्वासन दिया। जल संस्थान ने टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की बात कही। अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया। कहा कि एक माह में समस्या का स्थायी समाधान न हुआ तो फिर से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। धरने पर ग्राम प्रधान संदीप खुल्बै, रमेश धौलाखंडी, आनंद डंगवाल, रोहित नेगी, हरीश नाथ, हरीश भंडारी, नरेंद्र नेगी, भूपेंद्र सिंह, जया, रीता, ईश्वर सिंह आदि बैठे।
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बासोट, बमेली न्याय पंचायत में लंबे समय से पेयजल किल्लत बनी हुई है। सोमवार को बासोट और बमेली न्याय पंचायत के पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय में प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर रोष जताया और जमकर नारेबाजी की। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि बारिश होने के बावजूद भी गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। पानी नहीं मिलने के कारण गर्मियों के दिनों में ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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इस मौके पर तहसीलदार निशा रानी की पहल पर ग्रामीणों की अधिकारियों से वार्ता हुई। जिसमें जल निगम के अभियंताओं ने एक माह के भीतर योजना के सुधारीकरण आगणन तैयार कर जल मिशन योजना के तहत बजट शासन से स्वीकृत कराने का आश्वासन दिया। जल संस्थान ने टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की बात कही। अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया। कहा कि एक माह में समस्या का स्थायी समाधान न हुआ तो फिर से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। धरने पर ग्राम प्रधान संदीप खुल्बै, रमेश धौलाखंडी, आनंद डंगवाल, रोहित नेगी, हरीश नाथ, हरीश भंडारी, नरेंद्र नेगी, भूपेंद्र सिंह, जया, रीता, ईश्वर सिंह आदि बैठे।
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