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डाक्टरों के बगैर रेफर सेंटर बना द्वाराहाट का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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मधुबाला कांडपाल
- फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। सबसे बड़ी तहसील के रूप में विख्यात द्वाराहाट क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे हैं। डॉक्टरों के कमी के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर सेंटर बन कर रह गया है। यहां स्वीकृत 11 पदों के सापेक्ष यहां सिर्फ छह चिकित्सक तैनात हैं। हड्डी रोग, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट आदि महत्वपूर्ण पदों पर डॉक्टर न होने से लोगों को अन्यत्र जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। यहां स्वीकृत 11 पदों में चिकित्सा अधीक्षक, फिजीशियन, अस्थिरोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजिस्ट, डेंटल सर्जन, प्रभारी चिकित्सक, उप चिकित्सा अधिकारी और दो स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद सृजित हैं। इन पदों के सापेक्ष डॉ. तपन शर्मा प्रभारी/जनरल फिजिशियन, डॉ. सुधांशु सिंह, डॉ. अविशेक गुप्ता, डॉ. रुचि कुमारी, दंत चिकित्सक डॉ. बगीशा चंद्रा एवं संविदा पर डॉ. ज्योति मौर्या सहित छह चिकित्सक तैनात हैं। वार्डब्वॉय के स्वीकृत तीन पदों के सापेक्ष एक ही वार्डब्वॉय था। कोरोना के चलते आउटसोर्सिंग से एक अन्य वार्डब्वॉय दिया गया है। वर्षों से पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन जंक खा रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. तपन शर्मा ने बताया कि वरिष्ठ सहायक (हेड क्लर्क) न होने से विभागीय एरियर, पेंशन, जीपीएफ सहित आफिस कार्यों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बेहद दयनीय है। सुविधाओं के अभाव में इतने बड़े क्षेत्र की जनता परेशान है। यह मात्र रेफर केंद्र बन गया है। महिला प्रसूति विशेषज्ञ न होने से बाहर जाने को मजबूर हैं।
- अंजू जोशी, जिला पंचायत सदस्य ईड़ा।
अल्ट्रासाउंड मशीन जंक खा रही है। बाल रोग, हड्डी रोग, महिला प्रसूति विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पदों के चिकित्सक न होने से आम जनता परेशान है। पिछली बार धरना, प्रदर्शन भी किया था, लेकिन स्थिति जस की तस है।
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- नरेंद्र अधिकारी, अध्यक्ष प्रधान संगठन।
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की बीमारियां, हड्डी संबंधी बीमारियां अधिक होती हैं, लेकिन यहां बाल रोग, हड्डी रोग आदि महत्वपूर्ण चिकित्सक न होने से आमजन को रानीखेत, हल्द्वानी आदि नगरों में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
- मधुबाला कांडपाल, सचिव, महिला एकता परिषद
सबसे बड़ी तहसील द्वाराहाट, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, सरकार की ओर से पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं है। कोरोना काल में अस्पतालों की हालत नहीं सुध रही, बेहद चिंताजनक है।
- हरवंश बिष्ट।
- विधायक बनने के बाद मैं एक साथ 20 डॉक्टरों को लाया। यों तो डॉक्टरों की समस्या पूरे प्रदेश और देशस्तर पर है। बावजूद इसके सरकार ने 800 डॉक्टरों और नर्सों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। चूंकि जिलास्तर पर एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। इससे अल्ट्रासाउंड की समस्या बकरार है। फिर भी यहां महीने में एक बार रेडियोलॉजिस्ट आते रहे हैं।
-महेश नेगी, विधायक द्वाराहाट।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बेहद दयनीय है। सुविधाओं के अभाव में इतने बड़े क्षेत्र की जनता परेशान है। यह मात्र रेफर केंद्र बन गया है। महिला प्रसूति विशेषज्ञ न होने से बाहर जाने को मजबूर हैं।
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- अंजू जोशी, जिला पंचायत सदस्य ईड़ा।
अल्ट्रासाउंड मशीन जंक खा रही है। बाल रोग, हड्डी रोग, महिला प्रसूति विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पदों के चिकित्सक न होने से आम जनता परेशान है। पिछली बार धरना, प्रदर्शन भी किया था, लेकिन स्थिति जस की तस है।
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- नरेंद्र अधिकारी, अध्यक्ष प्रधान संगठन।
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की बीमारियां, हड्डी संबंधी बीमारियां अधिक होती हैं, लेकिन यहां बाल रोग, हड्डी रोग आदि महत्वपूर्ण चिकित्सक न होने से आमजन को रानीखेत, हल्द्वानी आदि नगरों में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
- मधुबाला कांडपाल, सचिव, महिला एकता परिषद
सबसे बड़ी तहसील द्वाराहाट, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, सरकार की ओर से पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं है। कोरोना काल में अस्पतालों की हालत नहीं सुध रही, बेहद चिंताजनक है।
- हरवंश बिष्ट।
- विधायक बनने के बाद मैं एक साथ 20 डॉक्टरों को लाया। यों तो डॉक्टरों की समस्या पूरे प्रदेश और देशस्तर पर है। बावजूद इसके सरकार ने 800 डॉक्टरों और नर्सों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। चूंकि जिलास्तर पर एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। इससे अल्ट्रासाउंड की समस्या बकरार है। फिर भी यहां महीने में एक बार रेडियोलॉजिस्ट आते रहे हैं।
-महेश नेगी, विधायक द्वाराहाट।

अंजू जोशी- फोटो : RANIKHET